लालकुआं: बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाए जाने संबंधी मुख्यमंत्री की घोषणा के विलोपित होने के बाद अब उसे पुनः मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शामिल कर लिया गया है। इस निर्णय पर बिंदुखत्ता वासियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी का आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 20 फरवरी 2024 को बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की घोषणा की थी, जिसे शासन द्वारा सितंबर 2025 में विलोपित कर दिया गया था। इसके बाद क्षेत्र में असंतोष फैल गया और बिंदुखत्ता संघर्ष समिति ने 18 फरवरी को लालकुआं में विशाल धरना-प्रदर्शन का निर्णय लिया था।
मंगलवार को भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी के नेतृत्व में बिंदुखत्ता संघर्ष समिति के शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट कर वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत किए गए दावों तथा अब तक हुई प्रगति की जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने वन अधिकार अधिनियम के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की घोषणा पुनः करते हुए मौके से ही दूरभाष पर जिलाधिकारी नैनीताल को निर्देश दिए कि दावों के पुनः परीक्षण के बजाय जिला स्तरीय वन अधिकार समिति द्वारा पूर्व में प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर
ग्राम की अधिसूचना जारी करने की कार्रवाई की जाए तथा शीघ्र ही जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शिष्टमंडल में वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, सचिव भुवन भट्ट, भाजपा मंडल अध्यक्ष नवीन पपोला, भरत नेगी, प्रमोद कलोनी, पूरन बोरा, श्याम सिंह रावत, पूर्व सैनिक कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट एवं कैप्टन दलबीर सिंह कफोला शामिल रहे।
