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रुद्रपुर: यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर बच्चे की सड़क हादसे में मौत; भड़के ग्रामीणों ने हाईवे पर लगाया घंटों लंबा जाम, दोनों राज्यों का संपर्क रहा ठप

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रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर), 21 जून 2026: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित जिला मुख्यालय रुद्रपुर में एक भीषण सड़क हादसे में मासूम बच्चे की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क पार कर रहे एक बच्चे को तेज रफ्तार वाहन ने बेरहमी से कुचल दिया, जिससे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने दोनों राज्यों को जोड़ने वाले मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई घंटों तक चले इस भारी हंगामे और उग्र प्रदर्शन के कारण उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच का यातायात पूरी तरह ठप रहा।

तेज रफ्तार वाहन ने सड़क पार कर रहे मासूम को रौंदा

प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त प्राथमिक विधिक जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब बच्चा सामान्य रूप से हाईवे पार कर रहा था। इसी दौरान बेहद तेज गति और लापरवाही से आ रहे एक अनियंत्रित वाहन ने बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी।

  • अस्पताल में तोड़ा दम: टक्कर इतनी भयानक थी कि बच्चा लहूलुहान होकर सड़क पर ही गिर पड़ा। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्काल विधिक तत्परता दिखाते हुए घायल बच्चे को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन घावों के अत्यधिक गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

  • बॉर्डर पर तनाव: बच्चे की मौत की खबर फैलते ही सीमावर्ती क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ सड़कों पर उतर आए और हाईवे को दोनों तरफ से पूरी तरह ब्लॉक कर दिया।

घंटों फंसे रहे यात्री; यूपी और उत्तराखंड पुलिस ने संभाला मोर्चा

हाईवे पर जाम लगते ही दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं, जिससे भीषण गर्मी के बीच हजारों मुसाफिर और छोटे-छोटे बच्चे सड़क पर ही फंसे रहे। मामले की संवेदनशीलता और दो राज्यों का मामला होने के कारण पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया:

  • भारी पुलिस बल तैनात: सूचना मिलते ही रुद्रपुर कोतवाली प्रभारी (केसी) अनिल जोशी अपने भारी पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।

  • यूपी पुलिस भी आई: चूंकि हादसा सीमाई क्षेत्र में हुआ था, इसलिए उत्तर प्रदेश की ओर से बिलासपुर थाना पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंच गई। दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त रूप से प्रदर्शनकारियों को समझाने और विधिक रूप से रास्ता बहाल कराने के लिए भारी मशक्कत शुरू की। हालांकि, स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण काफी देर तक कोई भी अधिकारी इस पर आधिकारिक बयान देने से बचता नजर आया।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप; स्पीड ब्रेकर और सुरक्षा की विधिक मांग

प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का विधिक आरोप था कि इस सीमावर्ती ब्लैक स्पॉट (Black Spot) क्षेत्र में लंबे समय से तेज रफ्तार वाहनों के कारण लगातार जानलेवा सड़क हादसे हो रहे हैं।

“ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कई बार लिखित रूप से प्रशासन से इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक), चेतावनी संकेतक, जेब्रा क्रॉसिंग और पुलिस पिकेट की विधिक मांग की थी, लेकिन अधिकारियों की कान पर जूं तक नहीं रेंगी। प्रशासन की इसी घोर लापरवाही के कारण आज एक और मासूम की जान चली गई।”

प्रदर्शनकारी ग्रामीण

ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक दोषी वाहन चालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार नहीं किया जाता और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होते, तब तक वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

कार्रवाई के विधिक आश्वासन के बाद खुला जाम; क्षेत्र में अतिरिक्त बल मुस्तैद

कई घंटों के लगातार गतिरोध, भारी हंगामे और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई तीखी नोकझोंक के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांगों को विधिक रूप से उचित ठहराया। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच, दोषी चालक की त्वरित गिरफ्तारी और संबंधित लोनिवि (PWD) विभाग से वार्ता कर तत्काल हाईवे पर सुरक्षात्मक उपाय कराने का ठोस लिखित व मौखिक आश्वासन दिया।

आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और धीरे-धीरे हाईवे से हटकर जाम को समाप्त किया, जिसके बाद पुलिस ने यातायात को सुचारू कराया। घटना के बाद से पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है, जिसे देखते हुए एहतियातन मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन ने दुर्घटना की विधिक जांच शुरू कर दी है।

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