
देहरादून। राजधानी देहरादून में शनिवार को आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 13 महिलाओं को ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ और 35 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘राज्य स्तर आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीरांगना तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये और आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार की राशि 51 हजार से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने वीरांगना तीलू रौतेली को साहस, वीरता और महिला सशक्तिकरण का स्थायी प्रतीक बताया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि, सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति का प्रावधान
समारोह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शुरुआती विकास, पोषण और स्वास्थ्य की मुख्य धुरी हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी कार्यकर्ताओं का 4,500 से बढ़ाकर 6,250 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 3,550 से बढ़ाकर 5,250 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही योग्य कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नत करने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे उनके करियर को नई दिशा मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण से ही पूरा होगा ‘सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड’ का संकल्प: सीएम धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार जन्म, शिक्षा, पोषण से लेकर स्वरोजगार तक हर कदम पर प्रदेश की बेटियों और बहनों के साथ खड़ी है। तीन साल पहले (2023 में) तीलू रौतेली पुरस्कार राशि 31 हजार से बढ़ाकर 51 हजार की गई थी, जिसे अब और बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया गया है। उन्होंने दोहराया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और जब उत्तराखंड की बेटियां सशक्त होंगी, तभी राज्य को देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प सिद्ध होगा।