हिमालय प्रहरी

सीएम धामी का राहुल गांधी पर तीखा वार: “उन्हें ‘दीपक’ नाम पसंद नहीं आया, इसलिए ‘मोहम्मद’ लगाते ही प्रेम हो गया”

खबर शेयर करें -

देहरादून/दिल्ली: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार के चर्चित युवक दीपक कुमार और राहुल गांधी की मुलाकात पर बड़ा बयान दिया है। एक निजी न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम ‘उत्तराखंड समागम’ में शिरकत करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राहुल गांधी ने दीपक को केवल इसलिए दिल्ली बुलाया क्योंकि उसने अपने नाम के आगे ‘मोहम्मद’ जोड़ लिया था।

“नाम बदलने से बढ़ा प्रेम” – सीएम धामी

दिल्ली में हुई मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

“राहुल गांधी ने दीपक को मिलने के लिए इसलिए बुलाया क्योंकि उसने अपने नाम के आगे ‘मोहम्मद’ लगा लिया। उन्हें ‘दीपक’ नाम अच्छा नहीं लग रहा होगा, लेकिन जैसे ही उसने ‘मोहम्मद’ लगाया, तो उससे उन्हें प्रेम हो गया। वे ‘मोहम्मद’ लोगों को ही आगे बढ़ाते हैं।”

डेमोग्राफी और समान कानून पर बेबाक राय

समाज को बांटने के विपक्षी आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी सरकार तोड़ने का नहीं बल्कि जोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने कहा:

  • समान कानून: हम राज्य में सभी के लिए समान कानून (UCC) ला रहे हैं।

  • डेमोग्राफी: देवभूमि का जो मूल स्वरूप और डेमोग्राफी खराब हुई है, उसे हम ठीक कर रहे हैं।

  • धर्मांतरण: राज्य में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाई गई है ताकि देवभूमि का अस्तित्व सुरक्षित रहे।

क्या था मामला?

ज्ञात हो कि कोटद्वार में ‘बाबा स्कूल ड्रेस’ नामक दुकान का नाम बदलने के विवाद के दौरान जिम संचालक दीपक कुमार चर्चा में आए थे। विरोध करने वाले लोगों के सामने उन्होंने स्वयं को ‘मोहम्मद दीपक’ बताते हुए शांति की अपील की थी। यह वीडियो वायरल होने के बाद राहुल गांधी ने उन्हें ‘भारत का हीरो’ बताया था और सोमवार को दिल्ली बुलाकर उनसे मुलाकात की थी। राहुल गांधी ने दीपक के जिम की सदस्यता लेने का वादा भी किया है।


विवाद के मुख्य बिंदु (Key Points of Debate)

पक्ष तर्क / बयान
सीएम धामी (BJP) राहुल गांधी को ‘दीपक’ नाम से परहेज है, ‘मोहम्मद’ शब्द से उन्हें विशेष प्रेम है।
राहुल गांधी (Congress) दीपक जैसे नौजवानों की देश को जरूरत है, वह ‘मोहब्बत की दुकान’ के प्रतीक हैं।
दीपक कुमार सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया।

सियासी तापमान: उत्तराखंड में आगामी निकाय और अन्य चुनावों से पहले ‘नाम’ और ‘पहचान’ को लेकर शुरू हुई यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।

Exit mobile version