
देहरादून: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के गुरुवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे को लेकर सूबे की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। राहुल गांधी के इस दौरे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और उनके केंद्रीय नेतृत्व पर अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री धामी ने दोटूक शब्दों में कहा कि राहुल गांधी देवभूमि के सेना और सैनिकों के जख्मों को कुरेदने के लिए उत्तराखंड आ रहे हैं। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए पूछा कि उत्तराखंड के महान वीर सपूत और देश के पहले सीडीएस (CDS) स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत को अभद्र शब्दों से संबोधित करने वाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष आखिर पौड़ी गढ़वाल में पूर्व सैनिकों के साथ किस मुंह से संवाद कर सकेंगे।
‘दैनिक जागरण’ से बातचीत में बोले सीएम धामी- सेना के शौर्य पर सवाल उठाना अक्षम्य अपराध
‘दैनिक जागरण’ से हुई विशेष विधिक और राजनैतिक बातचीत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और राहुल गांधी के पिछले बयानों को आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी स्वयं कई अवसरों पर भारतीय सेना और जांबाज सैनिकों का अपमान कर चुके हैं, जिसे उत्तराखंड का सैन्य समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
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शौर्य पर उठाए सवाल: सीएम धामी ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा पूर्व में सर्जिकल स्ट्राइक के विधिक सुबूत मांगना, सीडीएस जनरल बिपिन रावत के खिलाफ अमर्यादित भाषा का उपयोग करना और समय-समय पर सेना की वीरता व निष्ठा को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया गया, जो पूरी तरह अक्षम्य है।
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सेना के पराक्रम का मजाक: मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहलगाम हमले और उसके बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सवाल उठाकर कांग्रेस ने हमेशा सेना के शौर्य पर प्रश्नचिह्न लगाने की कोशिश की है। इससे न केवल देश के सैनिक और पूर्व सैनिक आहत हुए हैं, बल्कि देवभूमि का आम जनमानस भी गहरे सदमे में रहा है। प्रदेश के सैन्य परिवार राहुल गांधी के इन कृत्यों को न तो कभी भूलने वाले हैं और न ही उन्हें कभी माफ कर सकेंगे।
कांग्रेस ने अटकाया ‘वन रैंक वन पेंशन’, मोदी सरकार ने दिया सैनिकों को विधिक हक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सैनिकों के कल्याण के मुद्दे पर भी कांग्रेस को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने केंद्र की सत्ता में रहते हुए दशकों तक पूर्व सैनिकों की सबसे बड़ी मांग ‘वन रैंक वन पेंशन’ (OROP) को लटकाए रखा और उन्हें कभी इसका विधिक लाभ नहीं दिया।
केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आने के बाद ही पूर्व सैनिकों का यह विधिक हक धरातल पर संभव हो सका है। इसके साथ ही वर्तमान में केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार सैन्य परिवारों के उत्थान, पुनर्वास और कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस ने हमेशा सेना के मनोबल और आत्मसम्मान के साथ खिलवाड़ करने की ओछी राजनीति की है।
देवभूमि की शांत फिजा में जहर घोलने और तुष्टीकरण बढ़ाने का हो रहा प्रयास
राहुल गांधी के कोटद्वार आगमन के प्रस्तावित कार्यक्रम और वहां ‘मोहम्मद दीपक’ के जिम की सदस्यता लेने की संभावनाओं से जुड़े राजनैतिक घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री धामी ने कड़ा रुख अपनाया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी का मुख्य एजेंडा हर बार देवभूमि का सामाजिक और धार्मिक माहौल खराब करने का होता है। उत्तराखंड जैसी शांत फिजा वाले राज्य में जानबूझकर वैचारिक जहर घोलने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में यहां केवल और केवल तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया जा सके। हालांकि, मुख्यमंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि देश और उत्तराखंड की राष्ट्रभक्त जनता कांग्रेस की इस विभाजनकारी और नकारात्मक सोच को बहुत बेहतर ढंग से जानती है और समय आने पर इसका करारा विधिक जवाब देगी।
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