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दिल्ली आनंद विहार बस अड्डे पर उत्तराखंड की बसों से ‘पार्किंग की वसूली’: 25 मिनट के 590 रुपये, समय बढ़ा तो अलग से अतिरिक्त चार्ज

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राजू अनेजा, काशीपुर।दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर पार्किंग शुल्क की व्यवस्था ने उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारियों में नाराजगी पैदा कर दी है। बस अड्डे पर उत्तराखंड की बसों से मात्र 25 मिनट की पार्किंग के लिए 590 रुपये वसूले जा रहे हैं और तय समय से अधिक देर होने पर अतिरिक्त शुल्क भी लगाया जा रहा है। इस व्यवस्था का बोझ परिचालकों पर डाले जाने के विरोध में मंगलवार तड़के काशीपुर रोडवेज डिपो में कर्मचारियों ने बसों का संचालन ठप कर विरोध प्रदर्शन किया।
मंगलवार सुबह करीब पांच बजे काशीपुर डिपो के रोडवेज कर्मी एकत्र हुए और बसों को डिपो से बाहर निकलने से रोक दिया। कर्मचारियों का कहना था कि दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति के कारण कई बार बसों को निर्धारित समय से अधिक देर तक खड़ा रहना पड़ता है। ऐसे में बस पर अतिरिक्त पार्किंग शुल्क लगा दिया जाता है, जिसकी वसूली बाद में डिपो प्रशासन परिचालकों से करता है। कर्मचारियों का आरोप है कि जाम और अव्यवस्था की स्थिति उनके नियंत्रण में नहीं होती, फिर भी आर्थिक बोझ कर्मचारियों पर डालना अनुचित है।
रोडवेज कर्मियों ने बताया कि आनंद विहार बस अड्डे के काउंटर पर बस लगाने के लिए डिपो को 590 रुपये पार्किंग शुल्क देना पड़ता है, जो केवल 25 मिनट के लिए मान्य होता है। यदि बस 25 मिनट से अधिक समय तक खड़ी रहती है तो उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि दिल्ली जैसे व्यस्त बस अड्डे पर जाम और भीड़ के कारण समय सीमा का पालन करना कई बार संभव नहीं हो पाता।
बसों का संचालन बंद होने की सूचना मिलते ही काशीपुर डिपो के सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र कुमार आर्य और रामनगर डिपो के सहायक महाप्रबंधक नवीन आर्य मौके पर पहुंचे। उनके साथ वरिष्ठ केंद्र प्रभारी अनवर कमाल और सीनियर फोरमैन मोहम्मद यामीन भी डिपो पहुंचे और कर्मचारियों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
दूसरी ओर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के शाखा अध्यक्ष हरजिंदर सिंह, मंत्री उमेश कुमार और मुकेश कुमार ने भी इस मामले को लेकर उच्चाधिकारियों से बातचीत की। करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर बसों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया। हालांकि इस दौरान करीब एक घंटे तक बसें खड़ी रहने से यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
रोडवेज कर्मचारी यूनियन का कहना है कि यदि कर्मचारियों पर इस तरह का आर्थिक बोझ डालने की व्यवस्था खत्म नहीं की गई तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल अधिकारियों के आश्वासन के बाद बसों का संचालन सामान्य हो गया है, लेकिन कर्मचारियों में व्यवस्था को लेकर नाराजगी अभी भी बनी हुई है।

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