लालकुआं (बिंदुखत्ता): बिंदुखत्ता के इंद्रा नगर (द्वितीय) क्षेत्र में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा का गुरुवार को श्रद्धाभाव के साथ सातवां दिन की कथा का समापन हो गया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां भगवती के गुणों का श्रवण किया।
🌸 “मां का चिंतन भवसागर से पार लगाने वाला”
कथा व्यास मनोज कृष्ण जी ने मां भगवती जगदम्बा की महिमा पर प्रकाश डालते हुए भक्तों को जीवन का सार समझाया:
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निरंतर गुणगान: उन्होंने कहा कि मनुष्य को हर पल मां भगवती का गुणगान करना चाहिए, क्योंकि उनका चिंतन करने मात्र से ही मनुष्य इस भवसागर से तर जाता है।
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उन्नति का मार्ग: जो व्यक्ति हृदय की गहराई से मां जगदम्बा का मनन करता है, वह जीवन में निरंतर उन्नति प्राप्त करता है।
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दोषों से दूरी: कथा के सार में उन्होंने बताया कि मनुष्य को अपने आठ प्रधान दोषों से हमेशा दूर रहना चाहिए। ऐसा करने से ही वह करुणामयी जगदम्बा माता की कृपा का पात्र बना रह सकता है।
👥 क्षेत्र के गणमान्य लोग रहे उपस्थित
समापन के इस पावन अवसर पर बिंदुखत्ता क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु उपस्थित रहे:
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प्रमुख उपस्थिति: शेर सिंह दानू, शिवराज बिष्ट, रणजीत सिंह, नंदन सिंह ऐरी, दीप जोशी, देव सिंह देवली, गोकुलानंद उपाध्याय, मनोज बसनायत, राजू भंडारी, चेतन पांडे, विजय सामंत, लक्ष्मण भंडारी, राजेंद्र चौहान, शूर सिंह फर्स्वाण, और सोनू टाकुली।
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अन्य उपस्थित: हरीश गिरी, विजय सामंत, जीवन सिंह रावत, दीपा तिवारी, सीमा रावत, माया उपाध्याय, जानकी बसनायत और रेखा भंडारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
