
राजू अनेजा,काशीपुर। विगत दिनों रुद्रपुर क्षेत्र में बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा एक नमाजी के साथ कथित अभद्रता की घटना को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने काशीपुर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस कमेटी की महानगर अध्यक्ष अलका पाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे। नारेबाजी के बीच तहसीलदार चंदोला का घेराव किया गया और जिलाधिकारी के नाम 7 सूत्रीय मांगपत्र तहसीलदार को सौंपा गया।
ये हैं कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने प्रशासन के सामने क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को रखते हुए मांग की कि—
महाराणा प्रताप चौक से हेमपुर गौशाला मोड़ तक बुरी तरह क्षतिग्रस्त नेशनल हाईवे को तत्काल दुरुस्त कराया जाए।
होली और रमजान के पवित्र माह में बिजली, पानी और सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए।
अतिक्रमण के नाम पर ठेला-फुटपाथ पर रोजी कमाने वाले छोटे कामगारों का उत्पीड़न न किया जाए।
दोपहिया वाहनों की चेकिंग के नाम पर आम नागरिकों को बेवजह परेशान न किया जाए।
नगर निगम द्वारा ट्रेड लाइसेंस के नाम पर नोटिस और जुर्माने की धमकी देना बंद किया जाए।
नैनीताल जनपद की तर्ज पर काशीपुर में भी धान की फसल की बुवाई की अनुमति दी जाए।
“धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश”—अनुपम शर्मा
एआईसीसी सदस्य एवं प्रदेश महासचिव अनुपम शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में धार्मिक उन्माद फैलाकर उत्तराखंड का माहौल खराब करने की कोशिश भाजपा समर्थित संगठनों द्वारा की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
वरिष्ठ नेता एड. हरीश कुमार सिंह, विमल गुड़िया, संजय चतुर्वेदी, ब्रह्मपाल, एडवोकेट इंदर सिंह, अरुण चौहान, एड. उमेश जोशी, सुशील भटनागर, जितेंद्र सरस्वती समेत अन्य नेताओं ने भाजपा सरकार पर कानून व्यवस्था चौपट करने का आरोप लगाया।
बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेसी
प्रदर्शन के दौरान एआईसीसी सदस्य अनुपम शर्मा, महानगर अध्यक्ष अलका पाल, पूर्व अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन, पार्षद अब्दुल कादिर, रशीद फारूकी, शाह आलम, मोहम्मद आरिफ, रंजना गुप्ता, राजेश शर्मा एडवोकेट, डॉक्टर करण पाल, परम सिद्धू, मीणा आर्य सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
तहसील परिसर में घंटों चले इस प्रदर्शन ने साफ संकेत दे दिया है कि आगामी दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।