हिमालय प्रहरी

सीएसडी कैंटीन के नाम पर आम लोगों को बेची जा रही नकली शराब की खेप बरामद; क्रेटा कार समेत तस्कर गिरफ्तार

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ऋषिकेश/देहरादून। उत्तराखंड के आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने सीएसडी (सैन्य) कैंटीन की शराब बताकर आम लोगों और शादियों-पार्टियों में खपाने के लिए लाई जा रही अवैध व नकली शराब की एक बड़ी खेप पकड़ी है। गढ़ी श्यामपुर के पास हुंडई क्रेटा कार से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई है। इस मामले में कार चालक को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

गढ़ी श्यामपुर के पास पकड़ी गई क्रेटा कार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक वाहन के जरिए भारी मात्रा में अवैध शराब लाई जा रही है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए आबकारी निरीक्षक ऋषिकेश प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व में ऋषिकेश की टीम और जनपदीय प्रवर्तन दल देहरादून की संयुक्त टीम ने गढ़ी श्यामपुर के पास चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान शक होने पर एक हुंडई क्रेटा कार (संख्या DL 4CAZ 9073) को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसमें से शराब की 10 पेटियां बरामद हुईं। जब्त की गई शराब में रॉयल स्टैग व्हिस्की की 100 बोतलें और बडवाइजर बीयर की 24 बोतलें शामिल हैं।

डिफेंस के नकली होलोग्राम और लेबल लगाकर की जा रही थी ठगी

प्रारंभिक जांच में बोतलों पर लगे होलोग्राम और लेबल प्रथम दृष्टया नकली पाए गए हैं। बरामद रॉयल स्टैग व्हिस्की की बोतलों पर “फॉर सेल डिफेंस पर्सनल ओनली” (केवल रक्षा कर्मियों के लिए बिक्री) लिखा हुआ था, जबकि बडवाइजर बीयर की बोतलों पर “फॉर सेल इन चंडीगढ़ ओनली” अंकित था।
पूछताछ में गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान निशांत शर्मा (पुत्र राकेश शर्मा, निवासी मोदीपुरम, मेरठ, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह यह शराब मेरठ से लेकर आया था। बोतलों पर विशेष रूप से डिफेंस के फर्जी लेबल इसलिए लगाए जाते थे ताकि आम लोगों को यह विश्वास दिलाया जा सके कि यह कैंटीन की सस्ती और वैध शराब है। आगामी शादी और पार्टी के सीजन में इस अवैध शराब को ऊंचे दामों पर खपाने की योजना थी।

आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज, नेटवर्क की जांच जारी

आबकारी विभाग ने आरोपी निशांत शर्मा के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 63/72 के तहत ऋषिकेश आबकारी क्षेत्र में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। विभाग यह भी गहराई से जांच कर रहा है कि यह नकली होलोग्राम और लेबल कहां तैयार किए जाते थे तथा इस अवैध कारोबार के पीछे कौन-कौन लोग और संगठित नेटवर्क शामिल हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
इस संयुक्त छापामार और धरपकड़ कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट, जनपदीय प्रवर्तन दल के आबकारी निरीक्षक जयवीर सिंह, उप आबकारी निरीक्षक आशीष प्रकाश उनियाल, अर्जुन सिंह, आबकारी हेड कांस्टेबल राकेश नाथ, हेमंत सिंह तथा कांस्टेबल अंकित कुमार और आशीष चौहान शामिल रहे।
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