रामनगर (8 मार्च 2026): रामनगर स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के आस-पास के क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त और साफ-सुथरा रखने के लिए मिताली ने महिलाओं के साथ मिलकर एक अनूठा अभियान शुरू किया है। ‘वेस्ट वारियर्स’ संस्था के सहयोग से संचालित इस मुहिम में महिलाएं खुद कूड़ा गाड़ी चलाकर घर-घर से कचरा एकत्र कर रही हैं।
तीन महिलाओं से 25 सखियों तक का सफर
शुरुआत में मिताली को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पहले केवल 3-4 महिलाएं जुड़ीं, लेकिन आज 25 महिलाएं ‘पर्यावरण सखी’ के रूप में सक्रिय हैं।
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संचालन क्षेत्र: रिगोंड़ा, ढिकुली, क्यारी, हिम्मतपुर, सांवल्दे (पूरब व पश्चिम), ढेला, लछमपुर, आनंदनगर, गौतमनगर और गर्जिया जैसे 12 क्षेत्रों में यह कार्य चल रहा है।
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आर्थिक मॉडल: महिलाएं हर घर से ₹50 महीना शुल्क लेती हैं, जिससे उनके खर्च और आजीविका का प्रबंधन होता है।
कूड़ा प्रबंधन की आधुनिक प्रक्रिया
महिलाओं ने न केवल सफाई की जिम्मेदारी ली है, बल्कि कचरे के वैज्ञानिक निपटान (Scientific Disposal) पर भी ध्यान दिया है:
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पृथक्करण (Segregation): घरों में सूखा और गीला कूड़ा अलग रखने के लिए विशेष बैग दिए गए हैं।
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वेस्ट बैंक सेंटर: हिम्मतपुर डोटियाल और रिंगोड़ा में ‘वेस्ट बैंक’ बनाए गए हैं, जहाँ कूड़े की छंटनी की जाती है।
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रिकॉर्ड सफलता: पिछले एक साल में इन महिलाओं ने 1.30 लाख किलो कूड़ा एकत्र किया है।
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नई पहल: अब सूखे कूड़े को बेचने के साथ-साथ गीले कूड़े से खाद (Compost) बनाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
बदलाव की झलक: एक नज़र में (Snapshot)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| मुख्य नेतृत्व | मिताली (वेस्ट वारियर्स संस्था से जुड़ी) |
| टीम | 25 ग्रामीण महिलाएं (पर्यावरण सखी) |
| वाहन | 5 कूड़ा गाड़ियां (जिन्हें महिलाएं स्वयं चलाती हैं) |
| कुल संग्रह | 1.30 लाख किलो कचरा (वार्षिक) |
| इनकम सोर्स | यूजर चार्ज (₹50/घर) और सूखे कूड़े की बिक्री |
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