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लालकुआं में दीपेंद्र के गृह प्रवेश ने बढ़ाया सियासी पारा ! समर्थकों में उत्साह, विरोधियों में हलचल

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राजू अनेजा,लालकुआं। होली के रंगों के बीच लालकुआं विधानसभा की राजनीति में भी सियासी रंग गहराने लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी का लालकुआं में गृह प्रवेश कार्यक्रम अब महज़ पारिवारिक आयोजन नहीं रह गया है। विधानसभा से पहले इसे राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

गृह प्रवेश ने बढ़ाई विरोधियों की धड़कने

दीपेंद्र कोश्यारी पिछले कई वर्षों से लालकुआं क्षेत्र में सक्रिय हैं।जहां समर्थक इसे क्षेत्र के विकास और संवाद का अवसर बता रहे हैं, वहीं विरोधी खेमे इस बढ़ती सक्रियता को आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।

सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों पर लगातार सक्रियता ने उन्हें क्षेत्र में पहचान दिलाई है।स्थानीय लोगों के सुख-दुख में शामिल होना और छोटी से छोटी समस्या को प्रशासन तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है।
ऐसे में विधानसभा से पहले उनका लालकुआं में स्थायी आवास बनाना राजनीतिक संकेतों से खाली नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम क्षेत्र में दीर्घकालिक उपस्थिति और दावेदारी का स्पष्ट संदेश देता है।

 

संगठन में मजबूत पकड़

दीपेंद्र कोश्यारी की संगठनात्मक पकड़ भी चर्चा का विषय है। वे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के भतीजे हैं। समर्थकों का दावा है कि प्रदेश से लेकर केंद्र तक उनकी पहुंच क्षेत्र के विकास कार्यों में सहायक रही है।
युवा मोर्चा में सक्रिय भूमिका और युवाओं के बीच मजबूत नेटवर्क ने उन्हें भाजपा के भीतर एक प्रभावशाली चेहरा बना दिया है। लालकुआं विधानसभा में संभावित दावेदारों की सूची में उनका नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा से पहले इस तरह का आयोजन महज सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ताकत का संदेश भी होता है। दीपेंद्र को भाजपा से संभावित दावेदारों में प्रमुख माना जा रहा है। वे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के भतीजे हैं, जिसके चलते उनका राजनीतिक कद और प्रभाव लगातार चर्चा में रहता है।

 

होली मिलन में जुटेगा जनसमर्थन

गृह प्रवेश के साथ आयोजित होली मिलन समारोह को लेकर क्षेत्र में व्यापक तैयारियां की गई हैं। भाजपा संगठन से जुड़े पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
समर्थकों का कहना है कि यह आयोजन सामाजिक समरसता और आपसी संवाद का अवसर है, वहीं राजनीतिक हलकों में इसे आगामी चुनावी समीकरणों के ट्रेलर के रूप में देखा जा रहा है।

बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

लालकुआं सीट पर पहले से ही राजनीतिक हलचल तेज है। ऐसे में दीपेंद्र का यह कदम भाजपा के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चाओं का केंद्र बन गया है। विरोधी खेमों में भी इस आयोजन को लेकर सतर्कता देखी जा रही है।
सवाल यह है कि क्या यह गृह प्रवेश आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सियासी जमीन मजबूत करने की औपचारिक शुरुआत है?
फिलहाल इतना तय है कि होली के रंगों के साथ लालकुआं की राजनीति भी पूरी तरह रंगीन हो चुकी है। होली के रंगों के बीच लालकुआं की सियासत में चढ़ता यह तापमान आने वाले दिनों में क्या मोड़ लेगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

 

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