लालकुआं: ऋषिकेश, रामनगर सहित पूरे उत्तराखंड में गरीबों के आशियानों पर हो रही कथित बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को काररोड बिंदुखत्ता चौराहे पर भाकपा माले (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी) कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।
🗣️ प्रदर्शन की मुख्य मांगें और आरोप
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मुख्य मांग: प्रदर्शनकारियों ने बिंदुखत्ता सहित वन भूमि पर बसे सभी लोगों को मालिकाना अधिकार देने और इन बस्तियों को राजस्व गाँव घोषित करने की मांग की।
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सरकार पर आरोप (केके बोरा): भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य कामरेड केके बोरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार “जहां झुग्गी, वहां मकान” का नारा देकर सत्ता में आई थी, लेकिन अब यह सरकार गरीबों की जमीनें छीनकर कॉरपोरेट के हवाले करना चाहती है।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर (किशन बघरी): माले नेता कामरेड किशन बघरी ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद पैदा हुए गंभीर हालात का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में प्रशासन द्वारा खेतों में सरकारी बोर्ड लगाकर लोगों को बेदखल करने की कोशिश की जा रही है, जो शर्मनाक है।
👥 प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोग
इस प्रदर्शन में भाकपा माले के कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल रहे, जिनमें:
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कामरेड केके बोरा (राज्य कमेटी सदस्य)
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कामरेड किशन बघरी (माले नेता)
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विमला रौथाण (राज्य कमेटी सदस्य)
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पुष्कर दुबड़िया (एरिया सचिव)
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धीरज कुमार, कमल जोशी, निर्मला शाही, त्रिलोक दानू, आनंद दानू, वीर भद्र भंडारी, अजय पाल, गोपाल गड़िया, आदि।
