देहरादून (20 मार्च 2026): चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर आज सुबह 10:00 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार में रिक्त चल रहे सभी 5 पदों को भरने का निर्णय लिया गया है।
1. क्यों हो रहा है विस्तार?
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चुनावी तैयारी: 2027 के चुनाव में अब एक साल से भी कम का समय बचा है। सरकार चाहती है कि नए मंत्रियों को कम से कम 10 महीने काम करने का मौका मिले।
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रिक्त पद: धामी सरकार में कुल 12 मंत्रियों की जगह है, जिनमें से वर्तमान में केवल 7 मंत्री (मुख्यमंत्री सहित) कार्यरत थे।
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चंदन रामदास के निधन और प्रेम चंद अग्रवाल के पिछले वर्ष (मार्च 2025) हुए इस्तीफे के बाद से कैबिनेट में जगह खाली थी।
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असंतोष दूर करना: लंबे समय से मंत्री पद की बाट जोह रहे वरिष्ठ विधायकों को साधने के लिए यह विस्तार अनिवार्य माना जा रहा था।
2. चर्चा में रहने वाले संभावित चेहरे
सूत्रों और क्षेत्रीय चर्चाओं के अनुसार, जिन 5 नामों पर मुहर लगने की प्रबल संभावना है, वे इस प्रकार हैं:
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खजानदास (राजपुर): दलित चेहरे और वरिष्ठता के आधार पर।
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सरिता आर्य (नैनीताल): महिला प्रतिनिधित्व और कुमाऊं मंडल को साधने के लिए।
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प्रदीप बत्रा (रुड़की): हरिद्वार जिले और वैश्य समुदाय के प्रतिनिधित्व के तौर पर।
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विनोद कंडारी (देवप्रयाग): युवा चेहरे और गढ़वाल के समीकरणों के लिए।
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दीवान सिंह बिष्ट (रामनगर): अनुभवी चेहरा और नैनीताल जिले का कोटा भरने के लिए।
3. ‘दायित्वधारियों’ की भी होगी फौज
कैबिनेट मंत्रियों के अलावा, संगठन में संतुलन बनाने के लिए लगभग 24 से अधिक नेताओं को ‘दायित्वधारी’ (राज्य मंत्री स्तर) बनाया जा सकता है। इससे उन क्षेत्रों और गुटों को संतुष्ट किया जाएगा जिन्हें मुख्य कैबिनेट में जगह नहीं मिल सकी है।
Snapshot: उत्तराखंड मंत्रिपरिषद संरचना
| विवरण | संख्या/स्थिति |
| कुल स्वीकृत पद (अधिकतम) | 12 (70 विधानसभा सीटों का 15%) |
| वर्तमान संख्या (विस्तार से पहले) | 07 |
| आज शपथ लेने वाले नए मंत्री | 05 |
| विस्तार के बाद कुल संख्या | 12 (पूर्ण कैबिनेट) |
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