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धामी सरकार का ‘माइनिंग मॉडल’ सुपरहिट: उत्तराखंड खनन विभाग ने तोड़े राजस्व के सभी रिकॉर्ड; 1217 करोड़ के साथ रचा नया इतिहास, दिल्ली में ‘स्कॉच गोल्ड अवार्ड’ से सम्मानित

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देहरादून (5 अप्रैल 2026): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड का खनन विभाग राज्य की आर्थिकी का मुख्य आधार बनकर उभरा है। पारदर्शी नीतियों और डिजिटल नवाचारों के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने न केवल अपना लक्ष्य पूरा किया, बल्कि अब तक का सर्वाधिक राजस्व एकत्र कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।

1. रिकॉर्ड तोड़ राजस्व: लक्ष्य से कहीं आगे निकला विभाग

वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े विभाग की कार्यक्षमता और सुदृढ़ नीतियों की तस्दीक कर रहे हैं:

  • निर्धारित लक्ष्य: 950 करोड़ रुपये।

  • कुल अर्जित राजस्व: 1217 करोड़ रुपये (लक्ष्य से लगभग 28% अधिक)।

  • राजस्व का विवरण: इसमें मुख्य ट्रेजरी में 1130 करोड़, जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (DMF) में 80 करोड़ और एसएमईटी (SMET) से 7 करोड़ रुपये का योगदान शामिल है।

  • तुलनात्मक वृद्धि: वर्ष 2012-13 में जहाँ यह राजस्व मात्र 110 करोड़ रुपये था, वहीं धामी सरकार के प्रयासों से अब यह 1217 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।

2. अवैध खनन पर ‘डिजिटल’ सर्जिकल स्ट्राइक

मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों पर विभाग ने तकनीक का सहारा लेकर अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी लगाम लगाई है:

  • ई-चेक गेट: चार मैदानी जनपदों में 45 अत्याधुनिक ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं। ये गेट ANPR कैमरा और RFID टैग जैसी तकनीक से लैस हैं।

  • सुरक्षित ई-रवन्ना: फर्जीवाड़े को रोकने के लिए विशेष सिक्योरिटी फीचर युक्त कागज की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे अवैध भंडारण और परिवहन पर रोक लगी है।

  • सरल नियमावली: खनन नीति और नियमावली के सरलीकरण से वैध खनन को बढ़ावा मिला है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

3. राष्ट्रीय स्तर पर गूंज: मिला प्रतिष्ठित ‘SKOCH Award’

उत्तराखंड के इन तकनीकी नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी पहचान मिली है। 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्य की दो प्रमुख परियोजनाओं को सम्मानित किया गया:

  • परियोजनाएं: ‘माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम’ और ‘ई-खन्ना सिक्योरिटी पेपर’।

  • सम्मान: इन दोनों परियोजनाओं को प्रतिष्ठित SKOCH Award (Gold) से नवाजा गया है।

4. पारदर्शी और जवाबदेह शासन का परिणाम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि पारदर्शी व्यवस्था ही भ्रष्टाचार मुक्त और समृद्ध राज्य की नींव है। खनन पट्टों के आवंटन में पारदर्शिता और तकनीकी निगरानी के चलते ही राजस्व में यह उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तराखंड अब देश के उन राज्यों की श्रेणी में खड़ा है जो प्राकृतिक संसाधनों का दोहन सतत और कानूनी रूप से कर रहे हैं।

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