हिमालय प्रहरी

नैनीताल में आफत की बारिश: खतरे के निशान को नियंत्रित करने नैनीझील के खोले गए गेट, भूस्खलन से 15 मार्ग बंद, मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’ जारी

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नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नैनीझील का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसे सामान्य मानक के अनुरूप बनाए रखने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा गुरुवार को भी झील के चैनल से आठ इंच पानी की निकासी की गई। दूसरी ओर, जगह-जगह मलबा आने और भूस्खलन होने से जिले की 15 प्रमुख ग्रामीण व संपर्क सड़कें बंद पड़ी हैं, जिससे हजारों की आबादी का आवागमन प्रभावित हुआ है।
87.5 फीट पर स्थिर रखा जाएगा झील का जलस्तर, 36 घंटे में दर्ज हुई 60 मिमी बारिश
सिंचाई विभाग झील नियंत्रण कक्ष के अवर अभियंता नीरज तिवारी ने बताया कि बारिश के चलते प्राकृतिक जलस्रोतों के रिचार्ज होने से नैनीझील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। झील के जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए 87.5 फीट के मानक पर स्थिर रखने की योजना है, जिसके लिए गेट खोलकर जल निकासी की जा रही है। शहर में पिछले 36 घंटों के भीतर 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, नगर का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
जिले के 15 मोटर मार्ग मलबे से बंद, अगले दो दिन ‘येलो अलर्ट’
आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक, लगातार हो रहे भूस्खलन और मलबे के कारण जिले के 15 प्रमुख मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बाधित हैं। बंद मार्गों में नथुवाखान-गड़गांव, बसगांव-जिनौली-तड़ी-सकदीना, देवली-सुई, ढोलीगांव-धेना, स्यूड़ा-कोंता-ककोड़-हरीशताल, बरेली-अल्मोड़ा-सिरसा, फतेहपुर-बेल, बिनकोट-चंद्रकोट, अंबेडकर ग्राम रिखोली, बानना-जंगलियागांव, छड़ा-बेघरनाला, गर्जिया-बेतालघाट-खैरना-ओड़ाखान तथा पटवाडांगर-क्लोनडांगर मोटर मार्ग शामिल हैं। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए जिले में ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
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