देहरादून। वर्ष 2016 के बहुचर्चित उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती घोटाले के मामले में शनिवार (26 सितंबर 2026) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत से कड़ी पूछताछ की। ईडी मुख्यालय में अधिकारियों ने करीब 6 घंटे तक चले लंबे सवाल-जवाब सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री से विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई। समन मिलने के बाद हरीश रावत जब ईडी दफ्तर पहुंचे, तो उनके समर्थन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर केंद्र सरकार और ईडी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले माहौल बनाने की साजिश, एक भी आरोप साबित नहीं होगा: गणेश गोदियाल
6 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद बाहर निकले पूर्व सीएम हरीश रावत ने तंज कसते हुए कहा कि ईडी अधिकारियों से “6 घंटे तक बहुत प्यार भरी बातें हुईं।” उन्होंने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि उत्तराखंड में होने वाले आगामी चुनाव के नतीजों से घबराकर भारतीय जनता पार्टी यह प्रपंच रच रही है, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि 12 साल पुराने मामले में कार्रवाई केवल 2027 के विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जब मामला सामने आया था, तब तत्कालीन सीएम रहते हुए हरीश रावत ने ही सबसे कठोर कदम उठाए थे और इस जांच में उनके खिलाफ एक भी आरोप साबित नहीं हो सकता। उल्लेखनीय है कि हाल ही में ईडी ने इस मामले में पूर्व सीएम के तत्कालीन ओएसडी चंदन सिंह जीना के परिसरों से ₹1.23 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी।