
हल्द्वानी/भवाली। नैनीताल जिले के पर्वतीय मार्गों पर वीकेंड के दौरान लगने वाले भीषण जाम से निपटने के लिए लागू किए गए विशेष यातायात प्लान का असर शनिवार को साफ देखने को मिला। पुलिस प्रशासन द्वारा सख्ती बरते जाने के कारण जहां एक ओर अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे और कैंची धाम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ काफी हद तक नियंत्रित नजर आई, वहीं हाईवे के अन्य प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, जिससे स्थानीय व्यापारी काफी मायूस नजर आए।
दोपहर तक 7,500 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन; शटल सेवा से पहुंचे भक्त
शनिवार को सुबह से ही पुलिस के आला अधिकारी और क्यूआरटी (QRT) के जवान कैंची धाम क्षेत्र में मुस्तैद रहे। पिछले दिनों बेकाबू हुई भीड़ और लगे लंबे जाम के मद्देनजर इस बार विशेष सुरक्षा व यातायात योजना लागू की गई है। इसके तहत भवाली से शटल सेवा के जरिए श्रद्धालुओं को कैंची धाम भेजा जा रहा है। पुलिस प्रशासन की इस व्यवस्था से शनिवार दोपहर साढ़े बारह बजे तक करीब साढ़े सात हजार श्रद्धालुओं ने बाबा नीब करौरी के दरबार में शीश झुकाया। हाईवे पर यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रही और अप्रिय जाम की स्थिति से बचाव हुआ।
गरमपानी, खैरना और रातीघाट के बाजारों में छाई सुनसानी
एक ओर जहां कैंची धाम में भीड़ सीमित होने से यातायात सुगम हुआ है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के अन्य बाजारों में इसका विपरीत असर देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं के सीधे कैंची धाम से ही वापस लौट जाने के कारण गरमपानी, खैरना, पातली भुजान और रातीघाट समेत कई प्रमुख बाजारों में सन्नाटा छाया रहा।
व्यापारी नेता मनीष तिवारी ने कारोबार के लगातार चौपट होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वीकेंड पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के रुक-कर खरीदारी न करने से व्यापारियों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे दुकानों का किराया और बैंकों की किस्तें चुकाना भी मुश्किल साबित हो रहा है।