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उत्तराखंड में ईद-उल-फितर की धूम: हरिद्वार, रामनगर और रुड़की में उमड़ा जनसैलाब; गले मिलकर दी मुबारकबाद

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उत्तराखंड में आज शनिवार, 21 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर (मीठी ईद) का त्योहार अकीदत और पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। रमजान के पवित्र महीने की इबादत के बाद, आज सुबह प्रदेश की तमाम ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा की गई, जहां हजारों हाथ देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ के लिए उठे।

हरिद्वार से लेकर रामनगर तक, देवभूमि के कोने-कोने में ईद की रौनक देखते ही बन रही है। यहाँ प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से ईद के जश्न की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:

1. हरिद्वार और रुड़की: सुरक्षा और भाईचारे की मिसाल

धर्मनगरी हरिद्वार और रुड़की में ईद का पर्व सांप्रदायिक सौहार्द के बीच मनाया गया।

  • सामूहिक नमाज: हरिद्वार की जामा मस्जिद, ज्वालापुर और रुड़की की मुख्य ईदगाह में हजारों अकीदतमंदों ने एक साथ नमाज अदा की। पंचपुरी, धनपुरा और सराय जैसे ग्रामीण इलाकों में भी भारी भीड़ देखी गई।

  • गंगा-जमुनी तहजीब: रोजेदार अखलाख और फय्याज ने बताया कि यहां हिंदू-मुस्लिम भाई मिलकर त्योहार मनाते हैं और हिंदू भाई इफ्तारी पार्टियों का आयोजन भी करते हैं।

  • प्रशासनिक सतर्कता: एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पूरे जिले में नमाज शांतिपूर्ण संपन्न हुई। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई और भारी पुलिस बल तैनात रहा।

2. रामनगर: अकीदत और उत्साह का संगम

रामनगर में सुबह की पहली किरण के साथ ही ईद की रौनक शुरू हो गई।

  • मुबारकबाद का दौर: नमाज के बाद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा। घरों में पारंपरिक सेवइयां और पकवानों का दौर जारी है।

  • शहर काजी का संदेश: शहर काजी गुलाम मुस्तफा नईमी ने इंसानियत और आपसी सम्मान का संदेश देते हुए सभी से सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

3. बाजार और घरों की रौनक

  • खरीददारी: ईद के मौके पर बाजारों में खासी चहल-पहल रही। लोग नए कुर्ते-पाजामे, इत्र और टोपियों में सजे नजर आए।

  • ईदी का उत्साह: बच्चों में ‘ईदी’ (बुजुर्गों से मिलने वाले उपहार/पैसे) को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।


Snapshot: उत्तराखंड ईद-उल-फितर 2026

मुख्य आकर्षण विवरण
प्रमुख प्रार्थना स्थल हरिद्वार ईदगाह, भेल जामा मस्जिद, रामनगर ईदगाह, रुड़की मुख्य ईदगाह।
प्रशासनिक व्यवस्था ड्रोन निगरानी, पीएसी (PAC) की तैनाती और रूट डायवर्जन।
प्रमुख संदेश अमन-चैन, भाईचारा और देश की तरक्की।
विशेष पकवान मीठी सेवइयां, खीर और पारंपरिक मिठाइयां।

विशेष नोट: जैसा कि हमने पिछली खबर में बताया, रुद्रपुर के खेड़ा में कुछ नाराजगी के चलते प्रतीकात्मक विरोध (काली पट्टी) के साथ नमाज अदा की गई, लेकिन राज्य के बाकी हिस्सों में माहौल पूरी तरह उल्लासपूर्ण और शांतिपूर्ण बना हुआ है।

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