देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र निवासी और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की 16वीं बटालियन में तैनात निरीक्षक (मेडिकल) विनीत चंद रजवार लद्दाख में ड्यूटी के दौरान चीन सीमा पर शहीद हो गए। अचानक तबीयत बिगड़ने से उनका निधन हो गया। उनके शहादत की खबर से पूरे पिथौरागढ़ क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
🏡 बलिदानी का विवरण
- नाम: विनीत चंद रजवार
- पद: निरीक्षक (मेडिकल), ITBP 16वीं बटालियन
- मूल निवास: सेरी सुवालेख, पिथौरागढ़
- वर्तमान निवास: जगदंबा कॉलोनी, पिथौरागढ़ नगर
🎖️ सैन्य परंपरा वाला परिवार
शहीद विनीत चंद रजवार का परिवार लंबे समय से देश सेवा की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ा रहा है:
- बड़े दादा: स्व. सूबेदार चंद्री चंद (वीर चक्र विजेता)।
- दादा: स्व. नायब सूबेदार भानी चंद (सेना मेडल प्राप्त)।
- पिता: इंद्र चंद रजवार (सेवानिवृत्त डिप्टी कमांडेंट)।
🫡 अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि
- पार्थिव शरीर: शहीद का पार्थिव शरीर लद्दाख से विशेष विमान द्वारा दिल्ली और फिर सड़क मार्ग से पिथौरागढ़ स्थित उनके आवास तक पहुँचाया गया।
- श्रद्धांजलि: पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन के अध्यक्ष छवि वर्मा, संरक्षक जगत सिंह सौन, सीनियर सिटिजन वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों, और क्षेत्रवासियों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
- अंतिम संस्कार: रामेश्वर घाट (सरयू-रामगंगा संगम) पर बलिदानी को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
- मुखग्नि: पिता इंद्र चंद रजवार और चाचा सूबेदार महेंद्र चंद ने उन्हें मुखाग्नि दी।
- सैन्य सम्मान: घाट पर 14वीं बटालियन आईटीबीपी के निरीक्षक गिरीश चंद के नेतृत्व में वीर सपूत को सैन्य सम्मान दिया गया।
