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गूलरभोज: सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद और दो मजारों को हटाने का अंतिम नोटिस; 18 अप्रैल तक की मियाद, फिर चलेगा बुलडोजर

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ऊधम सिंह नगर जिले के गूलरभोज में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान ने अब रफ्तार पकड़ ली है। हरिपुरा जलाशय के डाउन स्ट्रीम क्षेत्र (कोपा ठंडा नाला) में अवैध रूप से निर्मित धार्मिक संरचनाओं को हटाने के लिए प्रशासन ने अंतिम चेतावनी जारी कर दी है।

यहाँ इस कार्रवाई और निर्धारित समय सीमा (डेडलाइन) का पूरा विवरण दिया गया है:

गूलरभोज (17 अप्रैल 2026): सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए कोपा ठंडा नाला क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों को दो दिन के भीतर धार्मिक ढांचे हटाने का अल्टीमेटम दिया है।

1. 18 अप्रैल की ‘डेडलाइन’ और साक्ष्य की मांग

  • अंतिम तिथि: प्रशासन ने 18 अप्रैल 2026 को अतिक्रमण हटाने की आखिरी मियाद तय की है।

  • नोटिस की शर्तें: एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में चस्पा किए गए नोटिस में पक्षकारों से कहा गया है कि यदि उनके पास भूमि से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या न्यायालय का स्टे ऑर्डर है, तो वे शुक्रवार (आज) तक कार्यालय में प्रस्तुत करें।

  • चेतावनी: उचित साक्ष्य न मिलने या समय सीमा बीतने पर प्रशासन इन ढांचों को ध्वस्त कर देगा।

2. पूर्व की कार्रवाई का संदर्भ (8 दिसंबर 2025)

सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पंकज ढौंढियाल के अनुसार, यह कार्रवाई कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि पिछले साल शुरू हुए अभियान का हिस्सा है:

  • दिसंबर 2025: उस समय कुल 60 अतिक्रमण चिन्हित कर 15 दिन का नोटिस दिया गया था।

  • प्रथम चरण: 29 नवंबर 2025 को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर 24 कच्चे निर्माणों को ढहा दिया था, जिससे 1.13 हेक्टेयर भूमि मुक्त हुई थी।

3. ‘सेकेंड फेज’ का लक्ष्य

एडीएम कौस्तुभ मिश्रा के निर्देशों के तहत दूसरे चरण में प्रशासन का लक्ष्य और बड़ा है:

  • धार्मिक स्थल: इस फेज में चार धार्मिक स्थलों (जिसमें वर्तमान मस्जिद और मजारें शामिल हैं) को चिन्हित किया गया है।

  • कुल भूमि: प्रशासन का लक्ष्य कुल 2.45 हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है।

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