केंद्रीय बजट 2026-27 और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों ने उत्तराखंड के लिए वित्तीय संभावनाओं का एक मिला-जुला पिटारा खोला है। जहाँ एक ओर केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ने से राज्य की झोली भरी है, वहीं राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) बंद होने से एक बड़ा आर्थिक झटका भी लगा है।
यहाँ उत्तराखंड के नए वित्तीय ढांचे का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बजट को राज्य की ग्रामीण और पर्वतीय अर्थव्यवस्था के लिए ‘विकास का इंजन’ बताया है।
📈 कहाँ से आएगा पैसा? (बजट के सकारात्मक पक्ष)
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य को पिछले वर्ष की तुलना में लगभग ₹9,000 करोड़ अतिरिक्त मिलने का अनुमान है:
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केंद्रीय करों में हिस्सेदारी: 16वें वित्त आयोग के तहत राज्य को ₹17,414.57 करोड़ मिलेंगे (पिछले साल से ₹1,841 करोड़ अधिक)।
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निकायों को मजबूती: शहरी निकायों और ग्राम पंचायतों को अगले 5 वर्षों में ₹3,160 करोड़ अतिरिक्त अनुदान मिलेगा। यानी हर साल ₹620 करोड़ एक्स्ट्रा।
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पूंजीगत निवेश (SASCI): राज्य को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹2,000 करोड़ का ब्याजमुक्त ऋण मिलने की उम्मीद है।
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जल जीवन मिशन: योजना की अवधि 2028 तक बढ़ने से उत्तराखंड को लंबित ₹3,500 करोड़ मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
📉 कहाँ लगा झटका? (वित्तीय चुनौतियां)
राज्य की वित्तीय सेहत के लिए कुछ चिंताजनक पहलू भी सामने आए हैं:
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राजस्व घाटा अनुदान बंद: 15वें वित्त आयोग ने राज्य को ₹28,147 करोड़ दिए थे, लेकिन 16वें वित्त आयोग ने इसे शून्य कर दिया है। यह राज्य के लिए सबसे बड़ी आर्थिक क्षति है।
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आपदा प्रबंधन मद में कटौती: आपदा मद में पिछली बार की तुलना में 4.33% की कमी की गई है। अब राज्य को प्रतिवर्ष केंद्र से लगभग ₹990 करोड़ ही मिलेंगे।
📑 वित्तीय सारांश: एक नज़र में
| मद | अनुमानित राशि (2026-27) | प्रभाव |
| केंद्रीय कर हिस्सेदारी | ₹17,414.57 करोड़ | विकास कार्यों में तेजी आएगी। |
| ब्याजमुक्त ऋण | ₹2,000 करोड़ | नए पुल, सड़क और अस्पताल बनेंगे। |
| स्थानीय निकाय अनुदान | ₹620 करोड़ (वार्षिक अतिरिक्त) | गांवों और शहरों में सफाई व लाइट की सुविधा बढ़ेगी। |
| राजस्व घाटा अनुदान | 0 (Zero) | राज्य को अपने संसाधन खुद जुटाने होंगे। |
🗣️ मुख्यमंत्री धामी का विजन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि भले ही कुछ अनुदान कम हुए हों, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और महिला सशक्तीकरण पर फोकस बढ़ाकर राज्य की GDP को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने “डबल इंजन” की रफ्तार से केंद्रीय योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प दोहराया है।
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