देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों में पारदर्शिता और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। ‘उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम’ के तहत अब राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया गया है।
इस निर्णय के साथ ही अब मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों द्वारा संचालित सभी शिक्षण संस्थान एक ही व्यवस्था के दायरे में आएंगे।
🗓️ मदरसा बोर्ड का विलय और नई व्यवस्था
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अस्तित्व समाप्त: आगामी 1 जुलाई 2026 से ‘उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड’ का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
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नया नियंत्रण: मदरसा बोर्ड के अधीन संचालित होने वाले सभी मदरसे अब सीधे अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के दायरे में आ जाएंगे।
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अनिवार्य मान्यता: सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को अब उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेनी होगी।
👥 प्राधिकरण का नेतृत्व और टीम
शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, प्राधिकरण की कमान अनुभवी शिक्षाविदों को सौंपी गई है:
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अध्यक्ष: प्रोफेसर सुरजीत सिंह गांधी (सेवानिवृत्त, बीएसएम पीजी कॉलेज रुड़की)।
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सदस्य सचिव: निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग।
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पैनल: इसमें कुमाऊं विवि, सोबन सिंह जीना विवि और विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।
⚖️ प्राधिकरण के नियम और शक्तियां
प्राधिकरण का गठन संस्थानों को नियंत्रित करने के बजाय उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किया गया है:
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हस्तक्षेप रहित संचालन: संस्थानों की स्थापना और उनके आंतरिक संचालन में प्राधिकरण हस्तक्षेप नहीं करेगा।
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पंजीकरण अनिवार्य: मान्यता के लिए संस्थान का सोसाइटी, ट्रस्ट या कंपनी एक्ट में पंजीकृत होना जरूरी है। सभी संपत्तियां और बैंक खाते संस्थान के नाम होने चाहिए।
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शिक्षा का मानक: प्राधिकरण सुनिश्चित करेगा कि इन संस्थानों में उत्तराखंड बोर्ड के मानकों के अनुरूप आधुनिक शिक्षा दी जाए।
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मान्यता रद्द करने के आधार: वित्तीय गड़बड़ी, पारदर्शिता की कमी या सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर मान्यता वापस ली जा सकेगी।
🗣️ मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण
“मदरसा बोर्ड को खत्म कर प्राधिकरण का गठन यह तय करने के लिए किया गया है कि हमारे अल्पसंख्यक बच्चों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा मिले। प्राधिकरण अब इनके लिए पाठ्यक्रम तैयार करेगा ताकि शिक्षा की मुख्यधारा से इन्हें जोड़ा जा सके।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
📋 अधिनियम की खास बातें
| विषय | विवरण |
| दायरा | मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन व पारसी समुदाय के संस्थान। |
| उद्देश्य | अल्पसंख्यक शिक्षा में गुणवत्ता और पारदर्शिता लाना। |
| प्रक्रिया | सभी समुदायों के लिए समान और पारदर्शी मान्यता प्रक्रिया। |
| पाठ्यक्रम | प्राधिकरण अब विशेष पाठ्यक्रम और दिशा-निर्देश तय करेगा। |
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