
राजू अनेजा , हल्द्वानी।आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जहां उधम सिंह नगर की सियासी उठापटक अभी शांत भी नहीं हुई है और उसकी गूंज देहरादून से लेकर दिल्ली तक सुनाई दे रही है, वहीं नैनीताल जिले में हल्द्वानी के मेयर गजराज सिंह बिष्ट की कालाढूंगी विधानसभा सीट से दावेदारी ने राजनीतिक पारा अचानक चढ़ा दिया है।
मेयर गजराज सिंह बिष्ट के तीखे और आत्मविश्वास से भरे बयान ने सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि कालाढूंगी की जनता का समर्थन उन्हें हमेशा से मिलता रहा है। यदि पार्टी हाईकमान ने आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें कालाढूंगी से टिकट दिया, तो जीत की जिम्मेदारी वह खुद उठाएंगे—और निभाकर दिखाएंगे।
मेयर ने दो टूक कहा कि वह वर्ष 2007 से लगातार कालाढूंगी सीट से टिकट की दावेदारी करते आ रहे हैं। क्षेत्र के लोगों से उनका निरंतर संपर्क रहा है और वह किसी भी तरह से नए या बाहरी दावेदार नहीं हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक पार्टी हाईकमान के हर फैसले का सम्मान किया है और जिसे भी टिकट मिला, उसके लिए पूरी निष्ठा से काम किया।
मेयर का दावा—2007 से मैदान में हूं, इस बार टिकट पक्का
गजराज सिंह बिष्ट ने भरोसे के साथ कहा कि इस बार टिकट को लेकर वह पूरी तरह आश्वस्त हैं। उनका कहना है कि यदि पार्टी ने भरोसा जताया, तो वह कालाढूंगी सीट जीतकर पार्टी की झोली में डाल देंगे।
पिछले चुनाव की नाराज़गी, इस बार बदले तेवर
पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उनकी नाराज़गी सियासी हलकों में चर्चा का विषय बनी थी। तब पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं के समीकरण भारी पड़े थे। लेकिन इस बार गजराज के तेवर और बयान साफ संकेत दे रहे हैं कि वह किसी भी हाल में पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।