बागेश्वर (25 अप्रैल 2026): कहते हैं कि ‘पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं’, और इस कहावत को बागेश्वर की होनहार बेटी गीतिका पंत ने सच कर दिखाया है। उत्तराखंड बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणामों में तहसील रोड, सैज निवासी गीतिका पंत ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान (State Topper) हासिल किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उनके विद्यालय, बल्कि पूरे बागेश्वर जिले में खुशी की लहर है।
संघर्ष और समर्पण की जीत
सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, चौरासी की छात्रा गीतिका की यह सफलता केवल अंकों की संख्या नहीं, बल्कि उनके परिवार के कठिन संघर्ष की कहानी है। गीतिका के पिता चंद्रशेखर पंत एक साधारण टैक्सी चालक हैं, जो दिन-रात मेहनत कर अपनी बेटी की शिक्षा के लिए संसाधन जुटाते रहे। उनकी माता रितिका पंत एक गृहिणी हैं, जिन्होंने घर के माहौल को सदैव पढ़ाई के अनुकूल बनाए रखा।
हाईस्कूल में भी रही थीं जिला टॉपर
गीतिका की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह हाईस्कूल की परीक्षा में भी 97.6 प्रतिशत अंकों के साथ जिला टॉपर रही थीं। उनके स्वर्गीय दादा केवलनानंद पंत (सेवानिवृत्त शिक्षक) और दादी मुन्नी पंत का मार्गदर्शन उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा। सीमित संसाधनों के बावजूद गीतिका ने कभी अपनी मेहनत को कम नहीं होने दिया।
भविष्य का लक्ष्य: इंजीनियर बनकर देश सेवा
परिणाम घोषित होते ही गीतिका के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को देते हुए गीतिका ने कहा:
“मेहनत, अनुशासन और परिवार का साथ हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। अब मेरा सपना एक सफल इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना है।”
पूरे जिले में जश्न का माहौल
गीतिका की इस उपलब्धि पर बागेश्वर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की है। टैक्सी चालक की बेटी द्वारा प्रदेश टॉप करने की इस खबर ने यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों, तो अभावों के बीच भी सफलता का शिखर छुआ जा सकता है।
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