हिमालय प्रहरी

रुद्रपुर के पहाड़गंज में चलेगा सरकारी बुलडोजर: ₹100 के स्टांप पर बसी अवैध कॉलोनी के 200 आलीशान भवनों को ध्वस्त करने का विधिक आदेश जारी

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रुद्रपुर: ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर शहर का घनी आबादी वाला पहाड़गंज क्षेत्र इस वक्त प्रदेश भर में सुर्खियों में है। किच्छा हाईवे के किनारे बसे इस क्षेत्र में सालों पहले राजनेताओं के सियासी संरक्षण में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी विधिक कार्रवाई की तैयारी कर ली है। एडीएम पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरण ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पहले चरण में $200$ अवैध भवनों के ध्वस्तीकरण (तोड़ने) के विधिक आदेश पारित कर दिए हैं। प्रशासन आगामी $1$ जुलाई से इस पूरे क्षेत्र में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करने जा रहा है, जिससे यहां अवैध रूप से रह रहे लोगों में हड़कंप मच गया है।

₹100 के स्टांप पर बिका ‘अतिक्रमण का पहाड़’; बनाए गए थे आलीशान मकान

विधिक जांच और सर्वे में यह बात सामने आई है कि कई साल पहले सत्ता के सियासी संरक्षण का लाभ उठाकर दर्शन सिंह नाम के एक भू-माफिया ने इस बेशकीमती सरकारी भूमि पर बेखौफ होकर अवैध प्लाटिंग कर दी थी।

  • रजिस्ट्री न दाखिल-खारिज: चूंकि यह पूरी भूमि विधिक रूप से सरकारी थी, इसलिए इसकी रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) होना नामुमकिन था।

  • ₹100 के स्टांप का खेल: भू-माफिया ने नियमों को ताक पर रखकर महज $100$ रुपये के नोटरी स्टांप पेपर पर उत्तर प्रदेश के रामपुर, बहेड़ी, बरेली आदि क्षेत्रों से आए सीधे-साधे लोगों को जमीनें बेचने का एक बड़ा सिंडिकेट चलाया।

  • लाखों की डीलिंग: लोगों ने भी बिना विधिक दस्तावेजों की जांच किए $10-10$ और $20-20$ लाख रुपये में इन जमीनों को खरीद लिया और उन पर बड़े व आलीशान भवन खड़े कर लिए। तत्कालीन प्रशासनिक उदासीनता और राजनैतिक दबाव के कारण उस समय इस अवैध आबादी को रोकने का कोई विधिक प्रयास नहीं किया गया।

350 भवन चिह्नित, 200 के ध्वस्तीकरण आदेश तामील; 1 जुलाई की विधिक समय-सीमा

शासन और सत्ता के बदलते ही प्रशासन ने इस पुराने भू-घोटाले और अवैध अतिक्रमण पर अपना विधिक शिकंजा कस दिया है। एडीएम पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने इस पूरे क्षेत्र का सघन भौतिक सर्वे कराया है:

  • प्रथम सर्वे की रिपोर्ट: शुरुआती सर्वे में कुल $350$ अवैध भवनों को विधिक रूप से चिह्नित किया गया है।

  • ध्वस्तीकरण के विधिक आदेश: इनमें से $200$ भवनों की जिला विकास प्राधिकरण में विधिक सुनवाई (कोर्ट प्रोसीडिंग्स) पूरी हो चुकी है, जिसके बाद कोर्ट ने इन्हें अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण के अंतिम विधिक आदेश पारित कर दिए हैं।

  • नोटिस तामील: प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए $199$ भवन स्वामियों को ध्वस्तीकरण के विधिक आदेश व्यक्तिगत रूप से तामील (सर्व) भी करा दिए हैं।

खुद तोड़ लें मकान या भुगतें कार्रवाई; उड़ी अतिक्रमणकारियों की नींद

प्रशासन द्वारा तामील कराए गए विधिक आदेशों में स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी गई है कि सभी अतिक्रमणकारी आगामी $1$ जुलाई तक अपने अवैध निर्माणों को हर हाल में खाली कर दें और उन्हें स्वतः ही ध्वस्त कर लें। यदि निर्धारित विधिक समय-सीमा के भीतर अतिक्रमणकारियों द्वारा अपने भवन खुद नहीं तोड़े जाते हैं, तो प्रशासन $1$ जुलाई से भारी पुलिस बल और बुलडोजरों के साथ खुद ध्वस्तीकरण की विधिक कार्रवाई शुरू करेगा।

इस विधिक कार्रवाई में आने वाले पूरे खर्च (बुलडोजर और लेबर का व्यय) की वसूली भी भू-राजस्व के रूप में संबंधित अतिक्रमणकारियों से ही की जाएगी। जैसे-जैसे $1$ जुलाई की तारीख नजदीक आ रही है, पहाड़गंज में लाखों रुपये निवेश कर आलीशान आशियाने बनाने वाले अवैध निवासियों की रात की नींद उड़ चुकी है। दूसरी ओर, जिला प्रशासन भारी मात्रा में पुलिस फोर्स, पीएसी और बुलडोजरों की विधिक व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुट गया है।

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