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गूलरभोज की जमीन अब अधिकार की दहलीज पर, दिल्ली से देहरादून तक दौड़ी फाइल, मालिकाना हक की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर!

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राजू अनेजा,गूलरभोज। नगर पंचायत गूलरभोज की 30 एकड़ एवं 685 एकड़ भूमि पर वर्षों से निवास कर रहे परिवारों के लिए बड़ी उम्मीद की खबर सामने आई है। भूमि के मालिकाना हक को लेकर चली आ रही मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है।
नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 दिन पूर्व भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री एवं पूर्व जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा के साथ दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट से मुलाकात कर 685 एकड़ भूमि में निवासरत परिवारों को मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराने हेतु प्रार्थना पत्र सौंपा गया था।

सांसद की पहल, सीएम को भेजा गया अनुरोध

अध्यक्ष चुघ के अनुसार, सांसद अजय भट्ट ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को औपचारिक रूप से पत्र प्रेषित कर मालिकाना हक देने की कार्यवाही शीघ्र शुरू कराने का अनुरोध किया है।
इस पहल के बाद क्षेत्रवासियों में आशा जगी है कि जल्द ही 685 एकड़ भूमि पर बसे परिवारों को कानूनी स्वामित्व का अधिकार मिल सकता है।

“अंतिम सांस तक जारी रहेगी लड़ाई”

नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य और सम्मान से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मालिकाना हक मिलने तक यह मुहिम निरंतर जारी रहेगी।
उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से गुंजन सुखीजा, सांसद अजय भट्ट एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसमर्थन और आशीर्वाद के बल पर यह संघर्ष निर्णायक परिणाम तक पहुंचेगा।
गूलरभोज की जमीन अब अधिकार की दहलीज पर—नजरें शासन के अंतिम फैसले पर।

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