बागेश्वर: जिले के ग्रामीण इलाकों में गुलदार (तेंदुए) का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब वह जंगलों को छोड़कर सीधे लोगों के घरों में दस्तक देने लगा है। शनिवार को फुलवारी गांव में एक गुलदार दिनदहाड़े एक मकान की रसोई घर (किचन) में घुस गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
🏠 रसोई में ‘साक्षात काल’: बाल-बाल बचे परिजन
घटना शनिवार की है, जब फुलवारी निवासी प्रवीन सिंह के घर में अचानक गुलदार घुस आया:
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खौफनाक मंजर: गुलदार सीधा रसोई के अंदर दाखिल हो गया। उस समय परिवार के सदस्य घर के भीतर ही मौजूद थे।
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बचाव: परिजनों ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद को सुरक्षित किया, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
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दहशत: इस घटना के बाद से फुलवारी, मगरुपहरी, विजोरीझाल और फटगली जैसे गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
🐾 पालतू मवेशियों को बना रहा निवाला
ग्रामीणों का आरोप है कि गुलदार पिछले कई दिनों से गांव के आसपास ही डेरा डाले हुए है:
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शिकार: वह अब तक कई पालतू मवेशियों को अपना निवाला बना चुका है।
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डर का साया: दिनदहाड़े गुलदार दिखने के कारण ग्रामीणों ने बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है। महिलाएं घास-लकड़ी के लिए जंगल जाने से कतरा रही हैं।
📢 ग्रामीणों की मांग: पिंजड़ा और गश्त
ग्राम प्रधान हीरा कोहली, मीरा देवी और शीतल आर्या ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय निवासी भास्कर तिवारी, सुभाष सिंह और भूपाल सिंह ने वन विभाग से निम्नलिखित मांगें की हैं:
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प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पिंजड़ा लगाया जाए।
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संवेदनशील इलाकों में वन विभाग की गश्त (Patrolling) बढ़ाई जाए।
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आदमखोर होने की आशंका को देखते हुए उचित कार्रवाई की जाए।
👮 वन विभाग की प्रतिक्रिया और अपील
एसडीओ तनुजा परिहार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्देश जारी किए हैं:
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गश्त तेज: प्रभावित गांवों में वन विभाग की टीमों को तैनात कर दिया गया है।
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निगरानी: विभागीय टीमें लगातार क्षेत्र की मॉनिटरिंग कर रही हैं।
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एडवाइजरी: विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि:
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शाम और रात के समय अकेले बाहर न निकलें।
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बच्चों को हमेशा घर के भीतर या बड़ों की निगरानी में रखें।
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किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
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