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हल्दूचौड़ अस्पताल: डॉ. सुधीर कन्याल का तबादला रोकने के लिए CMO से मिला प्रतिनिधिमंडल, मिला ठोस आश्वासन

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हल्द्वानी/नैनीताल:

हल्दूचौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और वहां के प्रभारी चिकित्साधिकारी व एकमात्र विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. सुधीर कुमार कन्याल के स्थानांतरण (तबादले) को रुकवाने के लिए सामाजिक संगठनों ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इस संबंध में “मेरा सपना, मेरी कोशिश” सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था तथा क्षेत्रीय जनसमस्या निवारण संघर्ष समिति के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) नैनीताल डॉ. रश्मि पंत से मुलाकात की और जनहित में अलग-अलग विस्तृत ज्ञापन सौंपे।

जब तक नया विशेषज्ञ नहीं आता, तब तक कार्यमुक्त न करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने सीएमओ से कड़ा आग्रह किया कि जब तक डॉ. सुधीर कुमार कन्याल के स्थान पर किसी समकक्ष विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो जाती और वह कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेता, तब तक डॉ. कन्याल को इस अस्पताल से कार्यमुक्त न किया जाए। इसके साथ ही हल्दूचौड़ अस्पताल में लंबे समय से रिक्त चल रहे चिकित्सकीय व पैरामेडिकल पदों को तत्काल भरने तथा अस्पताल को भारतीय जन स्वास्थ्य मानक (IPHS) के अनुरूप विकसित करने की पुरजोर मांग उठाई गई।

स्थानांतरण फिलहाल रोका गया, स्वास्थ्य सेवाएं नहीं होंगी प्रभावित: CMO

प्रतिनिधिमंडल की बातों और जनहित को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने मौके पर ही आश्वस्त किया कि डॉ. सुधीर कुमार कन्याल का स्थानांतरण फिलहाल रोक दिया गया है। जब तक अस्पताल में आवश्यक वैकल्पिक और समकक्ष व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा, ताकि स्थानीय जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी रूप में प्रभावित न हों। सीएमओ ने दोनों संगठनों के ज्ञापनों को आवश्यक अग्रिम कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को अग्रसारित कर दिया है।

न्यायालय के निर्देशों और जनहित का सम्मान करे विभाग

इस दौरान चर्चा में शामिल आरटीआई एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने याद दिलाया कि हल्दूचौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व में चिकित्सकों की नियुक्तियां माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल के निर्देशों के अनुपालन में की गई थीं। ऐसे में बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के एकमात्र विशेषज्ञ को हटाना न्यायालय के आदेशों की भावना के विपरीत होगा।

वहीं, “मेरा सपना, मेरी कोशिश” संस्था के अध्यक्ष त्रिलोचन पाठक ने कहा कि हल्दूचौड़ क्षेत्र पहले से ही बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। ऐसे संकट के समय में डॉ. सुधीर कुमार कन्याल क्षेत्रवासियों के लिए ‘संजीवनी’ साबित हुए हैं, इसलिए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें इसी अस्पताल में बनाए रखा जाना आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि स्वास्थ्य विभाग शीघ्र ही इस दिशा में सकारात्मक और स्थायी निर्णय लेगा।

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