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हल्द्वानी: 24 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत; मरने से पहले दोस्त को भेजा मोबाइल पासवर्ड, 40 कॉल के बाद भी नहीं उठा फोन

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हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र से एक बेहद दुखद और रहस्यमयी मामला सामने आया है, जहाँ एक 24 वर्षीय छात्रा ने मौत को गले लगा लिया। इस घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले युवती ने अपने दोस्त को मोबाइल का पासवर्ड भेजा था।

यहाँ इस पूरे घटनाक्रम और जांच से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं:

काठगोदाम (13 अप्रैल 2026): चांदमारी इलाके में रहने वाली एमबीपीजी कॉलेज की छात्रा दिव्या आर्या की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस अब मोबाइल डेटा के जरिए उन कारणों का पता लगाने में जुटी है जिसने दिव्या को यह कदम उठाने पर मजबूर किया।

1. घटनाक्रम: रविवार रात की पूरी कहानी

  • सामान्य व्यवहार: रविवार (12 अप्रैल) की रात दिव्या ने अपने परिवार के साथ सामान्य रूप से खाना खाया और अपने कमरे में चली गई।

  • व्हाट्सएप मैसेज: कमरे में जाने के बाद उसने अपने एक करीबी दोस्त को व्हाट्सएप पर अपने मोबाइल का पासवर्ड भेजा।

  • अनहोनी की आशंका: पासवर्ड मिलते ही दोस्त घबरा गया। उसने दिव्या को लगातार 40 बार कॉल किए, लेकिन फोन नहीं उठा।

  • खौफनाक मंजर: अनहोनी की आशंका होने पर दोस्त रात में ही दिव्या के घर पहुँचा, जहाँ वह अपने कमरे में अचेत अवस्था में मिली। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

2. परिवार की स्थिति: पिता के बाद अब बेटी का साया उठा

दिव्या चार बहनों में सबसे बड़ी थी और एमबीपीजी कॉलेज में ग्रेजुएशन फाइनल ईयर की छात्रा थी।

  • संघर्ष: एक साल पहले ही दिव्या के पिता की बीमारी से मौत हो गई थी।

  • आर्थिक स्थिति: घर की जिम्मेदारी माँ पर थी, जो दूसरों के घरों में काम कर अपनी बेटियों की पढ़ाई और परवरिश कर रही थीं। बड़ी बेटी की मौत से माँ और बहनों का सहारा छिन गया है।

3. पुलिस की जांच: मोबाइल पासवर्ड में छिपा है राज?

पुलिस इस मामले को डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सुलझाने की कोशिश कर रही है:

  • मोबाइल जब्त: पुलिस ने दिव्या का फोन कब्जे में ले लिया है। पासवर्ड पहले से उपलब्ध होने के कारण पुलिस के लिए चैट और कॉल डिटेल्स खंगालना आसान होगा।

  • सुसाइड नोट का अभाव: घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है।

  • फॉरेंसिक जांच: फॉरेंसिक टीम ने कमरे से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह शुद्ध रूप से आत्महत्या का मामला है या कुछ और।

4. आधिकारिक बयान

सीओ सिटी अमित कुमार के अनुसार:

“युवती का फोन कब्जे में लेकर उसे खंगाला जा रहा है। परिजनों और उस दोस्त से भी पूछताछ की जाएगी जिसे पासवर्ड भेजा गया था। तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।”

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