हल्द्वानी (20 मार्च 2026): कुसुमखेड़ा, हरीपुर नायक (भूमिया विहार फेस 2) निवासी 23 वर्षीय शुभ दिवाकर की मौत ने शहर में पैर पसारते नशे के कारोबार और इसकी भयावहता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
1. दिल्ली से लौटा था घर, दोस्तों के साथ गया था बाहर
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पृष्ठभूमि: शुभ दिल्ली की एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था और केवल एक सप्ताह पहले ही हल्द्वानी अपने घर आया था। उसकी मां गुड़िया, जो घरों में काम करके अपने परिवार (दो बेटियां और एक बेटा) का पालन-पोषण करती हैं, के लिए शुभ ही बुढ़ापे का एकमात्र सहारा था।
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लापता होना: बुधवार शाम शुभ अपने एक दोस्त के साथ घर से निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों के फोन करने पर उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था।
2. खंडहर में मिली अचेत अवस्था
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सूचना: बृहस्पतिवार शाम शुभ के दोस्त की बहन ने परिवार को जानकारी दी कि शुभ पीलीकोठी स्थित एक खंडहर में पड़ा हुआ है।
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अस्पताल में मौत: आनन-फानन में मकान मालिक और परिजन मौके पर पहुंचे और शुभ को सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उसकी मृत्यु करीब 4 घंटे पहले ही हो चुकी थी।
3. नशे की लत और पुलिस की जांच
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इंजेक्शन के निशान: शुक्रवार को पोस्टमार्टम के दौरान शुभ के शरीर पर इंजेक्शन के कई निशान पाए गए हैं। परिजनों ने भी स्वीकार किया है कि वह नशे के इंजेक्शन का आदी हो चुका था।
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पुलिस का बयान: एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला नशीले इंजेक्शन के ओवरडोज का लग रहा है। पुलिस अब उन दोस्तों और नशा तस्करों की तलाश कर रही है जो शुभ के साथ उस रात मौजूद थे।
Snapshot: शुभ दिवाकर मृत्यु मामला
| विवरण | जानकारी |
| मृतक का नाम | शुभ दिवाकर (23 वर्ष) |
| पेशा | फाइनेंस कंपनी कर्मचारी (दिल्ली) |
| घटनास्थल | पीलीकोठी स्थित खंडहर, हल्द्वानी |
| संभावित कारण | नशे के इंजेक्शन का ओवरडोज |
| पारिवारिक स्थिति | मां का इकलौता पुत्र, दो बहनें |
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