हल्द्वानी | 18 फरवरी, 2026: हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनशीलता और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जीवित मरीज को कागजों में ‘मृत’ घोषित किए जाने के बाद एबीवीपी (ABVP) कार्यकर्ताओं और छात्रसंघ पदाधिकारियों ने अस्पताल के बाहर जमकर बवाल किया।
📄 लापरवाही की इंतहा: जीवित को कागजों में मार दिया
घटना के अनुसार, अस्पताल में एक महिला मरीज भर्ती थी। आरोप है कि इलाज के दौरान वह जीवित थी, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने उसकी फाइल तैयार करते समय उसे ‘मृत’ (Dead) दर्शा दिया।
-
बवाल की वजह: जैसे ही यह बात मरीज के तीमारदारों और छात्र नेताओं को पता चली, अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
-
छात्रों का आक्रोश: छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक गोस्वामी के नेतृत्व में दर्जनों छात्र अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
🛡️ अस्पताल की सफाई: ‘कर्मचारी की गलती’
हंगामे को बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने बचाव की मुद्रा अपनाते हुए अपनी सफाई पेश की है:
-
मानवीय भूल: मैनेजमेंट का दावा है कि फाइल में ‘डेथ’ शब्द गलती से लिख गया था।
-
कार्रवाई: प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है।
👮 पुलिस की मौजूदगी और कानूनी स्थिति
सूचना मिलते ही एसपी सिटी मनोज कत्याल ने पुलिस बल को मौके पर भेजा ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो।
-
पुलिस का बयान: एसपी सिटी ने बताया कि अस्पताल में हंगामे की सूचना पर टीम भेजी गई थी, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-
पुराना रिकॉर्ड: गौरतलब है कि यह वही अस्पताल है जो पूर्व में भी एक महिला के शव को परिजनों को सौंपने में देरी और अभद्रता के मामले में सुर्खियों में रहा था।
⚖️ छात्रों की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल एक क्लर्क की गलती नहीं है, बल्कि अस्पताल के ढीले सिस्टम का प्रमाण है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई नहीं करता है, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
