देहरादून: उत्तराखंड में आगामी 23 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश के आसार जताए हैं, जिसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और पुलिस-प्रशासन की टीमें अलर्ट पर हैं।
20 जुलाई: कुमाऊं में ऑरेंज अलर्ट, गढ़वाल में येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, आज (20 जुलाई, शनिवार) आसमान से आफत बरसने के पूरे आसार हैं। नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ-साथ बहुत भारी बारिश होने की आशंका है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, राजधानी देहरादून के अलावा पौड़ी, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में तेज बारिश होने की संभावना है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के बाकी जिलों में भी अच्छी खासी बारिश देखने को मिलेगी, यानी आज पूरे प्रदेश में भारी बारिश के आसार बने हुए हैं।
21 और 22 जुलाई को भी अलर्ट जारी
- 21 जुलाई (रविवार): हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बाकी जिलों के लिए येलो चेतावनी जारी है।
- 22 जुलाई (सोमवार): राजधानी देहरादून और उत्तरकाशी के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है और इन जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी दी है। अन्य जिलों में तेज बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी आशंका है।
23 जुलाई तक बारिश का दौर, आपदा जैसी स्थिति
23 जुलाई (मंगलवार) को भी प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। शिवरात्रि के बाद लोगों को बारिश से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जरूर है, लेकिन रविवार से लेकर बुधवार तक प्रदेश में भारी बारिश से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
गौरतलब है कि 1 जून से लेकर अभी तक मॉनसूनी बारिश ने उत्तराखंड में जमकर कहर बरपाया है। बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण कई जिलों में तो आपदा जैसे हालात बन गए थे। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1 जून से अभी तक 25 लोगों की जान प्राकृतिक आपदाओं में गई है, वहीं आठ लोग अभी भी लापता हैं।
इसीलिए मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए पुलिस-प्रशासन चौकन्ना है। आपदा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में पहले ही एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) समेत अन्य विभागों के कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
भारी बारिश से जहाँ पहाड़ों पर लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है, तो वहीं चारधाम यात्रा भी प्रभावित होती है, क्योंकि भूस्खलन के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं। पुलिस-प्रशासन ने चारधाम यात्रियों के अलावा स्थानीय लोगों से मौसम देखकर ही सफर करने की अपील की है।
क्या आपके क्षेत्र में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है? आप क्या सावधानियां बरत रहे हैं?
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