
शांतिपुरी : धौरा डैम में कुछ ही समय में काफी संख्या में मछलियों के मरने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आनन फानन में विभाग को इसकी सूचना दी गई। जिसके बाद मछलियों का और पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।
जहां पानी में ऑक्सीजन कम होने का अनुमान लगाया गया है। वहीं बताया जा रहा है कि करीब 60 क्विंटल मछलियों की मृत्यु हुई है।
तराई में मछलियों की खपत ठीक ठाक है। जिसको देखते हुए मत्स्य विभाग की ओर से जिले के विभिन्न तालाबों और डैम में इसका पालन कराया जाता है। विभागीय हैचरी में स्वयं विभाग इसकी मॉनिटरिंग करता है, जबकि अन्य तालाब व डैम में प्रत्येक वर्ष टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है। पंतनगर क्षेत्र के धौरा डैम भी ठेके पर दिया गया है। इसमें ठेकेदार की ओर से बाम, लाची आदि तीन चार किस्म की मछलियों का पालन किया जा रहा था।
अचानक मरी 60 क्विंटल मछली
सोमवार को अचानक इस डैम में मछलियां मरने लगी। देखते ही देखते तालाब की सारी मछलियां पानी के ऊपर तैरने लगी। सूचना पर पहुंची विभागीय टीम ने सैंपल आदि लेकर जांच को भेजा। सहायक निदेशक मत्स्य संजय छिम्वाल ने बताया कि करीब 60 क्विंटल मछली मर गई हैं।
प्रथम जांच में ऑक्सीजन की कमी के चलते मछलियों की मौत होना पाया गया है। मछलियों को दफना दिया गया है। डैम को खाली कराया गया है। ठेकेदार को करीब छह लाख का नुकसान हुआ है।
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