
राजू अनेजा,लालकुआ। पंजाब से पहाड़ अपने पैतृक गांव घूमने आ रहे एक परिवार का अमृतसर -लाल कुआं ट्रेन में घात लगाए बैठे उचक्कों ने उनके बैग पर हाथ साफ कर दिया।वही उचक्कों का पीछा करने के दौरान महिला व उसका पुत्र घायल हो गये ।गूलरभोज में रेलवे कर्मचारियों द्वारा घायल महिला व उसके पुत्र के प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दूसरी ट्रेन से लालकुआ को रवाना किया।इधर ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों में छीना झपटी की घटना को लेकर काफी आक्रोश व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को अपने पैतृक गांव बागेश्वर जाने के लिए भोलादत्त जोशी अपने परिवार के साथ चंडीगढ़ से अमृतसर/ लाल कुआं एक्सप्रेस में सवार हुए तभी लालकुआ से पूर्व गूलरभोज में क्रॉस के लिये जैसे ही ट्रेन रुकी तो पहले से ही घात लगाए दो उचक्के उनकी पत्नी हेमा जोशी से दो बैग छीन कर भाग गए हड़बड़ाहट में हेमा व उसके पुत्र जतिन ने चलती ट्रेन से कूदकर उचक्कों का पीछा करते हुए एक बैग बचाने में कामयाब रहे।
परन्तु जब तक मौका लगते ही उच्चके दूसरा बेग लेकर काशीपुर को जा रही दूसरी ट्रेन में चढ़कर फरार हो गये।बैग की छीना झपटी में महिला व उसका पुत्र घायल हो गए जिनका रेलवे कर्मचारियों ने गूलरभोज स्टेशन पर प्राथमिक उपचार किया गया तथा उनको अन्य ट्रेन के द्वारा लालकुआ को रवाना किया।
लालकुआ पहुचने पर महिला ने रेलवे सुरक्षा बल को अपनी आपबीती सुनाई परन्तु आर पी एफ के जवानों ने उन्हें मामला जी आर पी पुलिस के अंतर्गत का हवाला देते हुए अपनी प्राथमिकी वहां दर्ज करवाने की सलाह दी। पहाड़ को जाने वाला पीड़ित परिवार देर रात तक प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए इधर से उधर चक्कर काटते नजर आया और करीब एक घण्टे बाद जी आर पी पुलिस ने आखिरकार पीड़ित परिवार के बैग की मात्र गुमशुदगी दर्ज कर मामले की इतिश्री की।
कुल मिलाकर दो प्रदेशो के बीच आवागमन वाली अमृतसर लालकुआ एक्सप्रेस ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए है।
बड़े चाव से परिवार के साथ पंजाब से पहाड़ घूमने आयी हेमा को ताउम्र याद रहेगा अमृतसर ट्रेन का यह कड़वा सफर
लालकुआ।आपको बताते चले कि प्रत्येक शनिवार को अमृतसर से लालकुआ और लालकुआ से अमृतसर जाने के लिये साप्ताहिक ट्रेन जाती है जिसमे बड़ी संख्या में पंजाब से आने वाले व उत्तराखण्ड से पंजाब जाने वाले यात्रियों का आवागमन रहता है परंतु उक्त ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर होने से कई बार यात्रियों से छीना झपटी की घटनाएं घटित होने लगी है पीड़ित महिला ने रोते रोते बताया कि हम बड़े चाव से पंजाब से अपने पैतृक गांव बागेश्वर घूमने के लिए आ रहे थे परंतु ट्रेन में घटित छीना झपटी की घटना की कड़वी यादे ताउम्र याद रहेगी।उन्होंने बताया कि उनका एक बैग उच्चके छीन कर भाग गए जिसमे उनके महंगे कपड़े व कई जरूरी सामान था उन्होंने बताया कि उनके पुत्र जतिन के साथ मिलकर उचक्कों से काफी जद्दोजहद हुई परन्तु उस समय वहां पर कोई भी सुरक्षा कर्मी मौजूद नही था जिसके चलते अपना सामान बचाने के लिए उनका पुत्र व खुद घायल हो गए।उन्होंने उक्त ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर उचित व्यवस्था की मांग की है ताकि यह घटना किसी अन्य यात्री के साथ घटित न हो पाए।