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हल्द्वानी: रसूखदारों के इलाके में गुंडागर्दी; बुलेट सवार मनचलों ने युवती को घसीटा, जान बचाने के लिए बरेली रोड पर छिपना पड़ा

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हल्द्वानी (19 मार्च 2026): मिनी स्टेडियम से लेकर बरेली रोड तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रक्षक माने जाने वाले पुलिसकर्मी उस वक्त कहीं नजर नहीं आए जब एक युवती सड़क पर मदद के लिए चीख रही थी।

1. हूटर बजाकर फैलाई दहशत

घटना सोमवार रात की है, जब एक युवक अपनी मुंहबोली बहन (रामपुर रोड निवासी) को जन्मदिन की पार्टी के बाद घर छोड़ने जा रहा था:

  • फर्जी पुलिस का भ्रम: मिनी स्टेडियम के पास पीछे से अवैध हूटर की आवाज आई। युवक ने पुलिस की गाड़ी समझकर रास्ता दिया, लेकिन वहां बुलेट सवार दो मनचले थे।

  • विवाद की शुरुआत: युवकों ने ‘घूरने’ का आरोप लगाते हुए बदतमीजी शुरू कर दी। जब पीड़ित युवक ने विरोध किया, तो उन्होंने पीछा करना शुरू कर दिया।

2. मारपीट और बाल पकड़कर घसीटा

आरोपियों का दुस्साहस इतना था कि उन्होंने जेल रोड चौराहे पर बाइक रुकवा ली:

  • हिंसा: आरोपियों ने युवक के साथ मारपीट की। जब युवती बीच-बचाव करने आई, तो आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर उसे सड़क पर घसीट दिया

  • पीछा और छिपना: किसी तरह वहां से बचकर निकले पीड़ितों का आरोपियों ने पीछा नहीं छोड़ा। दहशत के मारे युवती और युवक ने बरेली रोड पर एक अंधेरी जगह में छिपकर अपनी जान बचाई।

3. ‘वीडियो’ बना हथियार, भाई ने बचाया

युवती ने हिम्मत दिखाते हुए चलती बाइक से अपने सगे भाई को फोन किया और मनचलों का वीडियो बनाना शुरू किया। जब उसका भाई अग्रसेन भवन के पास पहुँचा और पुलिस की सक्रियता बढ़ी, तब जाकर आरोपियों के हौसले पस्त हुए।


** Snapshot: गिरफ्तार आरोपियों का विवरण**

पुलिस ने तहरीर के आधार पर दो मुख्य आरोपियों को दबोचा है:

आरोपी का नाम निवासी पृष्ठभूमि
अजय थापा बड़ी मुखानी, पीलीकोठी आपराधिक प्रवृत्ति
अजय फर्त्याल फतेहपुर बाजपुर के एक स्कूल में पूर्व कर्मचारी

कार्रवाई: पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बुलेट को सीज कर दिया है और दोनों के खिलाफ छेड़खानी (Section 354), मारपीट, गाली-गलौज और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।


प्रशासनिक विफलता पर सवाल

यह घटना उस रूट पर हुई जहाँ कुमाऊं कमिश्नर, आईजी और एसएसपी जैसे बड़े अधिकारियों के आवास हैं। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने पुष्टि की है कि दोनों आरोपी हिरासत में हैं, लेकिन स्थानीय जनता में इस बात को लेकर रोष है कि इतने महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी पुलिस गश्त शून्य क्यों थी?

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