
राजू अनेजा,लालकुआं। समय बदला, सरकारें बदलीं, चेहरे भी बदले, लेकिन जब भी लालकुआं में विकास की बात होती है तो आज भी लोगों की जुबान पर सबसे पहले नाम हरिश्चंद्र दुर्गापाल का ही आता है। विकास की स्पष्ट सोच, निर्णय लेने का साहस और काम को जमीन पर उतारने की क्षमता—यही वजह है कि दुर्गापाल आज भी जनता की यादों में जिंदा हैं।
जी हां बात हो रही है पूर्व कैबिनेट मंत्री हरिश्चंद्र दुर्गा पाल जी की जिन्होंने अपने कार्यकाल में आखिर ऐसा क्या किया जो लोगों के जहन में ऐसी छाप छोड़ी जो आज भी लोग उन्हें विकास पुरुष के नाम से याद करते हैं।
दुर्गापाल केवल योजनाओं की फाइलें नहीं, बल्कि विकास का विजन लेकर चले। औद्योगिक विस्तार, डेयरी विकास, सड़कों का जाल, शिक्षा और स्वास्थ्य—हर क्षेत्र में उन्होंने दीर्घकालिक सोच के साथ काम किया। यही कारण है कि लोग आज भी मौजूदा हालात की तुलना उनके कार्यकाल से करते हैं।
अब जैसे-जैसे 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस पार्टी इस बार लालकुआं से किसे मौका देगी?
स्थानीय स्तर पर लोगों का मानना है कि यदि भाजपा को जोरदार टक्कर देनी है और लालकुआं को फिर से विकास की पटरी पर लाना है, तो पार्टी को ऐसे चेहरे की जरूरत है जो काम के दम पर भरोसा जीत सके।
जनता के बीच यह आवाज साफ सुनाई दे रही है कि लालकुआं को भाषण नहीं, बल्कि दुर्गापाल जैसी विकासशील सोच और मजबूत नेतृत्व चाहिए।
हालांकि राजनीति में फैसले शीर्ष स्तर पर होते हैं, लेकिन इतना तय है कि 2027 की सियासी बिसात पर ‘विकास पुरुष दुर्गापाल’ का नाम अब भी चर्चा के केंद्र में है।