हिमालय प्रहरी

गैर-समुदाय की युवती के जाल में भोली लड़कियां, दूसरे सूबे में ले जाकर कराया जा रहा है गंदा काम फिर वीडियो वायरल के नाम पर धर्मांतरण का खेल, सोशल मीडिया पर सनसनीखेज खुलासा

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एक्शन में उधम सिंह नगर पुलिस ,मामले में एसएसपी ने गठित की विशेष जांच टीम

राजू अनेजा,रुद्रपुर।मुख्यमंत्री के गृह जिले उधम सिंह नगर से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने प्रशासन और समाज—दोनों को झकझोर कर रख दिया है। कोतवाली क्षेत्र की एक युवती ने सोशल मीडिया के जरिए गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि गैर-समुदाय की एक युवती ने उससे दोस्ती कर सुनियोजित तरीके से उसे धर्मांतरण के कथित जाल में फंसाने की कोशिश की।
पीड़िता के अनुसार, दोस्ती के बहाने उसे रामपुर (उत्तर प्रदेश) ले जाया गया, जहां उसकी पहचान उसी समुदाय के कुछ युवकों से कराई गई। आरोप है कि वहां युवकों ने उसके साथ घिनौनी और आपत्तिजनक हरकत की तथा इस पूरी घटना का अश्लील वीडियो भी बनाया गया। बाद में वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उस पर चुप रहने का दबाव बनाया गया।
पीड़िता ने दावा किया है कि यह कोई एक-दुकान मामला नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है। उसके मुताबिक, कोतवाली क्षेत्र निवासी कथित गिरोह की संचालिका का एक रिश्तेदार उत्तर प्रदेश में धर्म की आड़ में शैक्षिक संस्था संचालित करता है। इसी नेटवर्क के तहत कई युवतियां भोली-भाली लड़कियों और महिलाओं से दोस्ती कर उन्हें फंसाने का काम करती हैं और फिर कथित तौर पर धर्मांतरण का खेल रचती हैं।
पीड़िता ने यह भी बताया कि इस कथित नेटवर्क की गतिविधियां केवल रुद्रपुर तक सीमित नहीं हैं। काशीपुर हाईवे स्थित एक संगठन के कार्यालय को भेजे गए पत्र में उसने लिखा है कि यह खेल रुद्रपुर, गदरपुर, रामपुर (यूपी) समेत कई अन्य स्थानों पर भी चल रहा है।
मामला उजागर होने के बाद आरएसएस और अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने इस कथित गिरोह को बेनकाब करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है।

 

एक्शन में उधम सिंह नगर पुलिस

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा“धर्मांतरण से जुड़ी शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। आरोपों की वास्तविकता की गहन जांच की जाएगी। यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
अब निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में सामने आए इस कथित नेटवर्क की कितनी परतें खुलती हैं और कब तक सच्चाई सामने आती है।

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