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यूं ही नहीं कोई कमलेश चंदोला बन जाता है… सेवा, संघर्ष और समर्पण की कहानी

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राजू अनेजा, लालकुआं। राजनीति में पहचान केवल भाषणों और नारों से नहीं बनती, बल्कि वर्षों तक जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहने से बनती है। लालकुआं के पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता कमलेश चंदोला को लेकर समर्थकों का भी कुछ ऐसा ही कहना है। उनका मानना है कि आज जो पहचान चंदोला ने बनाई है, वह किसी एक दिन या एक चुनाव की देन नहीं, बल्कि वर्षों के सेवा, संघर्ष और समर्पण का परिणाम है।

 

जब भी पुकार आई, सबसे पहले पहुंचे चंदोला

किसी परिवार पर संकट आया हो, किसी गरीब को आर्थिक मदद की जरूरत पड़ी हो या किसी बीमार के इलाज की व्यवस्था करनी हो, समर्थकों का दावा है कि कमलेश चंदोला ने हर परिस्थिति में आगे बढ़कर सहयोग किया। यही वजह है कि क्षेत्र में उन्हें केवल नेता नहीं, बल्कि मददगार के रूप में भी देखा जाता है।

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