हिमालय प्रहरी

सेंचुरी पेपर मिल से जेपी नारायण के इस्तीफे से कर्मचारियों के साथ ही आसपास के लोग भी मायूस

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लालकुआं: सेंचुरी पेपर मिल के निवर्तमान सीईओ जेपी नारायण का इस्तीफा यू तो एक सामान्य परिक्रिया है लेकिन पिछले नौ वर्षों में उन्होंने ना केवल मिल का उत्तरोत्तर विकास किया बल्कि मिल के आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंदों की मदद करने के साथ ही तमाम विकास कार्य कर आम जनता के बीच में एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने व्यवहार से छोटे से छोटे कर्मचारी के साथ आसपास के लोगो के दिलो में अलग ही पहचान बनाई थी। उनका अचानक इस्तीफा देने से मिल कर्मचारियों के साथ ही आसपास के क्षेत्र के लोग मायूस है।
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जेपी नारायण ने 2012 में उस समय मिल के सीईओ पद की कुर्सी सम्हाली जब मिल घाटे के कारण नीलामी के कगार पर थी। यही नही मिल के प्रति आस पास के क्षेत्रों के लोगों का नजरिया नकारात्मक था। मिल प्रबंधन रोजाना हो रहे आंदोलनों से जूझ रहा था। उन्होंने कुर्सी सम्हालते ही मिल को मुनाफे में लाना शुरू किया। जिसकी बदौलत आज मिल का सालाना प्रॉफिट घाटे से 700 करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुँच गया है। यही नही आस पास के क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, शौचालय, गरीबो को घर समेत तमाम विकास कार्यो को धरातल में उतारा। सैकड़ो महिलाओं को सिलाई, कड़ाई व बुनाई सिखाकर उन्हें स्वालंबन की दिशा में मजबूत किया।

जेपी नारायण के सहयोग से ही जलता है क्षेत्र के कई निर्धन परिवारों का चूल्हा

लालकुआं: जेपी नारायण द्वारा अपनी तरफ से क्षेत्र के दर्जनों निर्धन परिवारों को हर माह राशन उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन उन्होंने इस कार्य को हमेसा बिना प्रचार प्रसार के अंजाम दिया। इसके अलावा जो भी जरूरतमंद उनके पास आया उन्होंने उसे कभी भी निराश नही किया।

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