रुड़की (22 मार्च 2026): हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में गंगनहर कोतवाली पुलिस ने कृष्णा अग्रवाल उर्फ कन्हैया को माधोपुर अंडरपास से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से हमले में इस्तेमाल 315 बोर का देसी तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है।
1. घटना का घटनाक्रम (18 मार्च, बुधवार)
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हमला: अम्बर तालाब निवासी दीपेंद्र कुमार (मैनेजर) रात करीब 8 बजे काम खत्म कर घर लौट रहे थे।
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वारदात: पुरानी तहसील के पास पीछे से आए कृष्णा उर्फ कन्हैया ने दीपेंद्र की पीठ पर तमंचे से फायर कर दिया।
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बहादुरी: गोली लगने के बावजूद घायल दीपेंद्र आरोपी को पकड़ने के लिए उसके पीछे भागे। शोर मचने पर लोगों ने घेराबंदी की, जिससे आरोपी दूसरा राउंड फायर नहीं कर सका और मौके से फरार हो गया।
2. हत्या की साजिश और अजीबोगरीब ‘कसम’
पूछताछ में आरोपी कन्हैया ने जो राज खोले, वे चौंकाने वाले हैं:
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व्यापारिक रंजिश: कन्हैया का सुनहरा गांव में केमिकल प्लांट है। घायल दीपेंद्र पहले वहीं काम करता था, लेकिन बाद में उसने संजय मौर्या के प्लांट में मैनेजर की नौकरी कर ली।
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ग्राहकों का टूटना: कन्हैया का आरोप है कि दीपेंद्र ने उसके पुराने ग्राहकों को तोड़ लिया, जिससे उसके कारोबार को भारी नुकसान हो रहा था।
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प्रतिशोध: परिवार में मौतों और व्यापारिक घाटे से परेशान कन्हैया ने अपने दादा की तेरहवीं (बुधवार) के दिन कसम खाई थी कि वह दीपेंद्र को खत्म कर देगा।
3. “जिंदा बचने का मलाल”
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था। उसने पुलिस से कहा कि उसे इस बात का गहरा मलाल है कि दीपेंद्र बच गया और वह अपने दादा की तेरहवीं पर ली गई कसम को पूरी तरह निभा नहीं सका।
Snapshot: रुड़की मैनेजर फायरिंग केस
| विवरण | जानकारी |
| मुख्य आरोपी | कृष्णा अग्रवाल उर्फ कन्हैया (निवासी रुड़की) |
| पीड़ित | दीपेंद्र कुमार (केमिकल प्लांट मैनेजर) |
| हथियार बरामद | 315 बोर देसी तमंचा और कारतूस |
| गिरफ्तारी स्थल | माधोपुर अंडरपास, रुड़की |
| विवाद की जड़ | केमिकल बिजनेस में ग्राहकों का टूटना और आर्थिक घाटा |
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