
100 बेड अस्पताल का वादा अब तक अधूरा, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
राजू अनेजा,काशीपुर। महानगर कांग्रेस जिला अध्यक्ष अलका पाल ने काशीपुर के सरकारी अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अस्पताल आज इलाज का केंद्र कम और रेफर सेंटर ज्यादा बनकर रह गया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में गरीब एवं मध्यम वर्ग के मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
अलका पाल ने कहा कि सरकार ने वर्षों पहले काशीपुर में 100 बेड के आधुनिक अस्पताल का सपना दिखाया था, लेकिन आज तक यह घोषणा कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। जनता अब भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजार कर रही है।
हार्ट, हड्डी और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की भारी कमी
उन्होंने कहा कि अस्पताल में हार्ट विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और निश्चेतक (एनेस्थेटिस्ट) जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
ड्रेनेज सिस्टम की बदहाली से बढ़ रही परेशानी
अलका पाल ने अस्पताल परिसर में गंदगी और खराब ड्रेनेज व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम को तत्काल दुरुस्त किया जाना चाहिए।
अस्पताल के जीर्णोद्धार की उठाई मांग
कांग्रेस ने अस्पताल भवन के जीर्णोद्धार और आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की मांग करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो जनता का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से पूरी तरह उठ जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री के घेराव की चेतावनी
अलका पाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति, ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार और 100 बेड अस्पताल की योजना पर जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो कांग्रेस जनहित में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का घेराव करने को बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।