कोटद्वार का ‘बाबा ड्रेस’ विवाद अब उत्तराखंड की सीमाओं को लांघकर देश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बाद अब एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी जिम ट्रेनर दीपक कुमार के समर्थन में बयान जारी किया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले के ताजा घटनाक्रम और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं नीचे दी गई हैं:
यह मामला तब से राष्ट्रीय सुर्खियों में है जब दीपक कुमार ने एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार का पक्ष लेते हुए विरोध करने वाली भीड़ का अकेले सामना किया था।
🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: कौन क्या बोला?
| नेता | प्रमुख बयान | संदेश |
| राहुल गांधी | “दीपक नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान का प्रतीक हैं। तुम बब्बर शेर हो, डरो मत।” | इसे संविधान और इंसानियत की रक्षा की लड़ाई बताया। |
| असदुद्दीन ओवैसी | “मैं दीपक कुमार को सलाम करता हूँ, जिसने 70 साल के बुजुर्ग की हिम्मत बढ़ाई। देश को ऐसे कई दीपक की जरूरत है।” | पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ‘रूल ऑफ लॉ’ की याद दिलाई। |
⚖️ कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने दर्ज किए 3 केस
कोटद्वार पुलिस ने संतुलन बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों और प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए हैं:
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पुलिस बनाम अज्ञात भीड़: सरकारी कार्य में बाधा डालने, बैरियर तोड़ने और शांति भंग करने के आरोप में 30-40 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस (उपनिरीक्षक विनोद चपराना की तहरीर पर)।
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कमलपाल (बजरंग दल) बनाम दीपक व विजय: गाली-गलौज, मारपीट और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के आरोप में दीपक कुमार कश्यप और उनके मित्र विजय रावत पर मुकदमा।
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दुकानदार (वकील अहमद) बनाम हुड़दंगी: दुकान में घुसकर हंगामा और डराने-धमकाने के आरोप में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शिकायत।
📍 विवाद का वर्तमान स्टेटस
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सुरक्षा: शहर में तनाव को देखते हुए पुलिस की गश्त जारी है और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
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तर्क: जहाँ दीपक का पक्ष इसे “मानवता” बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे “धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़” और “स्थानीय आस्था के अपमान” के रूप में देख रहा है।
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जांच: पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन लोगों को चिह्नित कर रही है जिन्होंने 31 जनवरी और उसके बाद शहर की शांति व्यवस्था को खतरे में डाला।
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