
आपको बताते चले कि नैनीताल दुग्ध संघ का भ्रष्टाचार से काफी गहरा नाता रहा है जिसमे एक्सपायरी पाउडर से दूध बनाने से लेकर अधोमानक दूध की खरीद सहित अनियमितता के कई काले कारनामे सामने आए है जिनको लेकर नैनीताल दुग्ध संघ हमेशा चर्चा में रहा है। ऐसा नहीं है कि नैनीताल दूध संघ में भ्रष्टाचार को लेकर समाचार पत्रों में खुलासा ना हुआ हो परंतु आज तक जांच के नाम पर मात्र औपचारिकता के चलते नैनीताल दुग्ध संघ में भ्रष्टाचार घटने की बजाए इसको ओर ज्यादा बढ़ावा मिला है और अभी तक नैनीताल दुग्ध संघ में मिली अनियमितता पर कोई कठोर कार्यवाही अमल में न आने से दुग्ध संघ के भ्रष्ट अधिकारी
इस बार
नैनीताल दुग्ध संघ में लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने के चलते एक शिकायतकर्ता द्वारा नैनीताल दुग्ध संघ के सामान्य प्रबंधक निर्भय नारायण सिंह पर कई आरोप लगाते हुए कुमाऊं कमिश्नर से शिकायत की थी।जिन शिकायतों की जांच के बाद कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने अपनी जांच रिपोर्ट में शिकायत को सही पाते हुए अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी।जिस जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने निदेशक डेयरी विकास विभाग को जीएम निर्भय नारायण के विरुद्ध विभागीय जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।इस पर यूसीडीएफ के प्रबंध निदेशक ने नैनीताल दुग्ध संघ के जीएम को हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं । शासन को पत्र भेजकर जीएम निर्भय नारायण के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की भी सिफारिश की गयी है।
विभागीय जांच में भी निर्भय नारायण सिंह पर अनियमिता की पुष्टि होने के बाद निदेशक डेयरी विकास विभाग जयदीप अरोड़ा ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए।निदेशक उत्तराखंड डेयरी फेडरेशन जयदीप अरोड़ा ने बताया कि निर्भय नारायण सिंह को पद से हटाते हुए वर्तमान में आदर्श आचार संहिता लागू होने के चलते नैनीताल दूध उत्पादक सहकारी संघ में तैनात पीएंडआई अधिकारी डॉ पीएस नागपाल को अग्रिम आदेश तक प्रभारी के तौर पर नैनीताल दुग्ध संघ के सामान्य प्रबंधक का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।