हल्द्वानी (6 मार्च 2026): ऊधमसिंह नगर के पंतनगर निवासी एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद बनभूलपुरा कोतवाली में रात भर गहमागहमी बनी रही। आरोपित ने ड्यूटी पर तैनात दरोगा पर बदसलूकी का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि आरोपित नशे की हालत में था और उसने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की।
क्या है पूरा मामला?
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गिरफ्तारी: पुलिस के अनुसार, प्रमोद मल (54 वर्ष, निवासी फूलबाग, पंतनगर) के खिलाफ पूर्व में एमवी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज था। मंगलवार को उसे नशे की हालत में बाजार से गिरफ्तार कर हवालात में रखा गया था।
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विवाद की शुरुआत: रात करीब 11 बजे जब आरोपित की पत्नी, बेटा और बेटी थाने पहुँचे और उससे मिलने की अनुमति मांगी, तो परिजनों के सामने ही प्रमोद ने हंगामा शुरू कर दिया।
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गंभीर आरोप: आरोपित ने चिल्लाते हुए आरोप लगाया कि एसआई जगवीर सिंह ने उसे थप्पड़ मारे और जूते से पीटकर हवालात में डाला। इस दौरान परिजनों ने भी थाने में नाराजगी जताई।
पुलिस का पक्ष: ‘CCTV में कैद है सच्चाई’
बनभूलपुरा थानाध्यक्ष डीएस फर्त्याल ने बताया कि आरोपित के सभी आरोप निराधार हैं:
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नशे की हालत: गिरफ्तारी के समय और थाने के भीतर भी आरोपित अत्यधिक नशे में था।
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साक्ष्य: ताज चौराहे (गिरफ्तारी स्थल) और थाना परिसर के भीतर लगे CCTV कैमरों में पूरी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जो पुलिस की कार्रवाई को पारदर्शी बनाती है।
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अभद्रता: आरोपित ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने का प्रयास भी किया और सरकारी कार्य में बाधा डाली।
दर्ज हुआ एक और मुकदमा
हंगामे और अभद्रता को देखते हुए पुलिस ने प्रमोद मल के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है:
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धाराएं: सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने, वैध गिरफ्तारी का विरोध करने, शांतिभंग करने और हमले के प्रयास की धाराओं में नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
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जांच: मामले की विस्तृत तफ्तीश वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) गगनदीप सिंह को सौंपी गई है।
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जमानत से इनकार: परिजनों ने रात में ही जमानत की मांग की थी, लेकिन आवश्यक दस्तावेज न होने और आरोपित के व्यवहार के कारण उसे जमानत नहीं दी गई।
घटनाक्रम: एक नज़र में (Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| आरोपित | प्रमोद मल (54 वर्ष, निवासी पंतनगर) |
| स्थान | बनभूलपुरा कोतवाली, हल्द्वानी |
| आरोप (बंदी द्वारा) | एसआई द्वारा जूते और थप्पड़ से पिटाई |
| पुलिस का तर्क | नशे में धुत होकर गाली-गलौज और काम में बाधा |
| जांच अधिकारी | SSI गगनदीप सिंह |
निष्कर्ष: पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्दी पर झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज को मुख्य साक्ष्य के रूप में उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
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