
राजू अनेजा, काशीपुर। तराई की सियासत में चुनाव से पहले बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। रुद्रपुर में राजकुमार ठुकराल समेत कई नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब काशीपुर भी सियासी बदलाव की आहट से अछूता नहीं है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा के कई बड़े चेहरे जल्द ही कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा में टिकट को लेकर मची खींचतान और गुटबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। अंदरखाने असंतोष इस कदर बढ़ा हुआ है कि कई दिग्गज नेता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव से ठीक पहले पार्टी में टूट के आसार जताए जा रहे हैं।
रुद्रपुर में हुए हालिया घटनाक्रम के बाद कांग्रेस खासी उत्साहित नजर आ रही है और अब उसकी नजर काशीपुर पर टिकी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस यहां भी उसी रणनीति पर काम कर रही है, जिसके तहत असंतुष्ट नेताओं को साधकर भाजपा को कमजोर किया जा सके।
वहीं, भाजपा के अंदरूनी हालात भी कुछ बेहतर नहीं बताए जा रहे हैं। टिकट की दावेदारी को लेकर नेताओं के बीच खींचतान और गुटबाजी ने संगठन की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व अभी इस पूरे मामले पर खुलकर कुछ कहने से बच रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि काशीपुर में भाजपा के बड़े चेहरे कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो इसका सीधा असर चुनावी समीकरणों पर पड़ेगा। इससे कांग्रेस को मजबूती मिल सकती है, जबकि भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फिलहाल, तराई की सियासत में दल-बदल का खेल चरम पर है और काशीपुर में किसी बड़े सियासी धमाके की संभावनाएं लगातार मजबूत होती जा रही हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि यह महज अटकलें हैं या फिर सियासत का बड़ा सच।