
राजू अनेजा,ऊधमसिंह नगर। पंतनगर विश्वविद्यालय में ठेका कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी विवेक सक्सेना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।
विवेक सक्सेना ने बताया कि उनकी फर्म मैसेज श्रीराम कंस्ट्रक्शन वर्ष 1992 से विश्वविद्यालय में निर्माण कार्य करती आ रही है। उनके अनुसार संबंधित कार्य का ऑनलाइन टेंडर डाला गया था और 12 दिसंबर 2024 को कार्य अवार्ड हुआ। 21 मार्च 2025 को अनुबंध संपन्न हुआ। उपनिदेशक निर्माण के पत्रांक उ.नि.नि/464/दिनांक 9-8-2024 के निर्देशानुसार उन्होंने soil testing व structure design तैयार कर कार्य प्रारंभ किया।
अनुबंध संख्या 63/WP(W)/DYDWP/2025-26 के अंतर्गत कार्य की Date of Start 21-5-2025 तथा Date of Completion 20-11-2026 निर्धारित थी। सक्सेना का कहना है कि मात्र दो माह में एक लाइन की नींव तक डाल दी गई थी, लेकिन 9 जून 2025 को उपनिदेशक जलकर खंड ने पत्रांक उ.नि.नि/जल/287/दिनांक 9-6-2025 के माध्यम से कुलपति के आदेश का हवाला देते हुए कार्य बंद करा दिया।
तब से कार्य ठप पड़ा है। उनका आरोप है कि इस कारण करीब 70 लाख रुपये फंसे पड़े हैं, जबकि लगभग 10-15 लाख रुपये का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिसका भुगतान अब तक नहीं हुआ। उन्होंने 17-7-2025, 22-7-2025, 26-8-2025, 8-10-2025 और 11-12-2025 को लिखित पत्रों के माध्यम से भुगतान की मांग की, साथ ही कई बार मौखिक रूप से भी आग्रह किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सक्सेना का कहना है कि विभागीय स्तर पर फाइल लंबित है और वित्त नियंत्रक स्तर पर भुगतान अटका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार मिलने के प्रयास के बावजूद समाधान नहीं निकला।
पूर्व जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच कराकर बकाया भुगतान कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। आत्मदाह की चेतावनी के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि शासन स्तर पर इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।