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रामनगर में खनन गेट पर तालाबंदी: 10 टायरा वाहनों के विरोध में उतरे ट्रांसपोर्टर, अनिश्चितकाल के लिए रोका कामकाज

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रामनगर (नैनीताल): कोसी नदी के कठिया पुल खनन निकासी गेट पर सोमवार को भारी हंगामा हुआ। 10 टायरा वाहनों को खनन कार्य में शामिल किए जाने से नाराज ट्रांसपोर्टरों ने गेट पर तालाबंदी कर दी और वन विभाग व वन निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक भारी वाहनों पर रोक नहीं लगती, तब तक गेट अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगा।

🚛 विवाद की मुख्य जड़: 6 टायरा बनाम 10 टायरा

प्रदर्शनकारी ट्रांसपोर्टरों और ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालकों का आरोप है कि प्रशासन उनके हितों की अनदेखी कर रहा है:

  • रोजी-रोटी का संकट: ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पूर्व में इस गेट पर 10 टायरा वाहन प्रतिबंधित थे। बड़े वाहनों के आने से छोटे वाहनों को काम नहीं मिल रहा है, जिससे उनके सामने परिवार पालने का संकट खड़ा हो गया है।

  • वादाखिलाफी का आरोप: प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अधिकारियों ने पहले केवल 20% भारी वाहनों के पंजीकरण की बात कही थी, लेकिन अब 50% से अधिक 10 टायरा वाहन पंजीकृत कर लिए गए हैं।

  • सुरक्षा का खतरा: भारी वाहनों की संख्या बढ़ने से संकरी सड़कों पर दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।


👮 अधिकारियों का घेराव और तीखी नोकझोंक

गेट पर तालाबंदी की सूचना मिलते ही एसडीएम प्रमोद कुमार, वन विभाग की एसडीओ किरण शाह और वन निगम के डीएलएम ललित आर्या मौके पर पहुंचे।

  • विरोध: आक्रोशित ट्रांसपोर्टरों ने अधिकारियों की गाड़ियों को घेर लिया और उनके सामने ही नारेबाजी शुरू कर दी।

  • आश्वासन: स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम प्रमोद कुमार ने ट्रांसपोर्टरों को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि जल्द ही संबंधित विभागों के साथ बैठक कर इस समस्या का ठोस समाधान निकाला जाएगा।

⚠️ अनिश्चितकालीन बंदी की चेतावनी

ट्रांसपोर्टरों ने दो-टूक कहा है कि यदि भारी वाहनों के प्रवेश पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे। फिलहाल कठिया पुल गेट पर खनन निकासी का कार्य पूरी तरह ठप है, जिससे राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।

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