हिमालय प्रहरी

तहबाजारी के नाम पर व्यापारियों से बदसलूकी पर महापौर बाली का बड़ा एक्शन, ठेका निरस्त

खबर शेयर करें -

अब ठेकेदार नहीं, नगर निगम खुद वसूलेगा तहबाजारी शुल्क; महापौर दीपक बाली का ऐलान

शुल्क की दरों में नहीं होगी बढ़ोतरी, निर्धारित स्लैब होंगे सार्वजनिक — बदसलूकी करने वाले कर्मचारियों पर भी होगी कार्रवाई

राजू अनेजा,काशीपुर। तहबाजारी की वसूली के नाम पर व्यापारियों और आम लोगों के साथ कथित बदसलूकी की शिकायतों को लेकर आखिरकार नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महापौर दीपक बाली ने तहबाजारी का ठेका निरस्त करने की घोषणा की है। अब तहबाजारी शुल्क की वसूली किसी ठेकेदार के माध्यम से नहीं, बल्कि नगर निगम के कर्मचारी खुद करेंगे। महापौर के इस फैसले को तहबाजारी वसूली व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और व्यापारियों की शिकायतों का समाधान करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

महापौर दीपक बाली ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि तहबाजारी शुल्क की दरों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई है। पहले से निर्धारित दरें ही लागू रहेंगी। शुल्क के स्लैब को लेकर सामने आ रही शिकायतों के मद्देनजर अधिकारियों और पार्षदों के साथ विचार-विमर्श के बाद व्यवस्था को बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने व्यापारियों और नगर की जनता से अपील की कि वे तहबाजारी शुल्क की वसूली में नगर निगम के कर्मचारियों का सहयोग करें।

बदसलूकी की शिकायतों पर सख्ती, ठेकेदारी व्यवस्था पर लगाया विराम

तहबाजारी वसूली के दौरान कथित दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आने के बाद महापौर ने पार्षदों और नगर निगम के अधिकारियों के साथ चर्चा की। इस दौरान बनी सहमति के बाद ठेके को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। महापौर ने साफ किया कि जनता से शुल्क वसूलने की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसी व्यापारी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की आशंका भी समाप्त हो।

उन्होंने कहा कि अब नगर निगम के कर्मचारी ही तहबाजारी शुल्क वसूलेंगे। इसके लिए नई निविदा की आवश्यकता नहीं होगी। शुल्क की दरों और निर्धारित स्लैब को सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि व्यापारियों को पहले से जानकारी रहे कि किस श्रेणी में कितना शुल्क देय है। इससे वसूली को लेकर भ्रम की स्थिति दूर होगी और व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।

नगर निगम कर्मचारी भी रहें सतर्क, दुर्व्यवहार पर होगी कार्रवाई

महापौर दीपक बाली ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता के साथ अच्छा व्यवहार करना प्रत्येक सरकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी है। यदि नगर निगम के किसी कर्मचारी के दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कार्रवाई केवल तहबाजारी तक सीमित नहीं रहेगी। नगर निगम के किसी अन्य ठेके या निर्माण कार्य में अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर संबंधित मामले में भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

विज्ञापन ठेके के संबंध में पूछे गए सवाल पर महापौर ने कहा कि यदि विज्ञापन से जुड़ी शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उनके संज्ञान में ऐसा कोई उल्लंघन नहीं आया है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट, कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा और कर अधीक्षक अनिरुद्ध गौड़ मौजूद रहे।

सफाई व्यवस्था पर भी महापौर की नजर, चार सफाई निरीक्षक मिले

शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर महापौर ने कहा कि किसी भी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझे बिना जल्दबाजी में कार्रवाई करना उचित नहीं है। व्यवस्था में सुधार के लिए पर्याप्त अवसर देते हुए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि नगर निगम में सफाई निरीक्षकों की कमी दूर करने के लिए सरकार की ओर से चार एसआई उपलब्ध कराए गए हैं। महापौर ने कहा कि स्वच्छता उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि सफाई व्यवस्था से संबंधित शर्तों का उल्लंघन होता है या जनता को परेशानी होती है, तो संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

साप्ताहिक बाजारों से सड़क पर जाम, अतिक्रमण पर कार्रवाई का भरोसा

काशीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों के कारण यातायात प्रभावित होने और सड़कों पर जाम लगने का मुद्दा भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठा। पत्रकारों ने अलीगंज रोड की ओर जाने वाले मार्ग और शुगर फैक्ट्री रोड पर लगने वाले बाजारों में अव्यवस्थाओं की ओर महापौर का ध्यान आकर्षित किया।

पत्रकारों ने बताया कि कुछ स्थानों पर दुकानें सड़क तक फैल जाने से आवागमन बाधित होता है। इसके अलावा शुगर फैक्ट्री रोड पर रात के समय डंपरों की आवाजाही और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने की समस्या भी सामने रखी गई।

इस पर महापौर ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी इन मामलों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर निजी भूखंडों में बाजार लगने के बावजूद दुकानें सड़क तक आ जाती हैं। ऐसी शिकायतों पर संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। प्रकाश व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।

अब तकनीक बताएगी कूड़ा उठाने वाली गाड़ी पहुंची या नहीं

महापौर दीपक बाली ने शहर की सफाई व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की योजना की जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम परिसर में कंट्रोल रूम का निर्माण काफी हद तक पूरा हो चुका है। अब इसके अगले चरण में आरएफआईडी (RFID) प्रणाली लागू की जाएगी।

इस प्रणाली के तहत घरों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर आरएफआईडी टैग लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से कंट्रोल रूम से निगरानी की जा सकेगी कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी निर्धारित स्थान पर पहुंची या नहीं और तय समय पर पहुंची या नहीं।

महापौर के अनुसार, यदि किसी घर या प्रतिष्ठान से निर्धारित समय पर कूड़ा नहीं उठाया जाता है, तो इसकी जानकारी निगरानी व्यवस्था के माध्यम से मिल सकेगी। इससे सफाई कर्मचारियों और कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी। शिकायतों का निस्तारण भी अधिक पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि तकनीक की मदद से वाहनों के निर्धारित मार्गों पर नजर रखी जा सकेगी। इससे समय और ईंधन की बचत होने की भी उम्मीद है। साथ ही पार्कों, खाली भूखंडों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने की घटनाओं पर निगरानी रखने में भी कंट्रोल रूम उपयोगी साबित हो सकता है।

महापौर ने जनता से अपील की कि आरएफआईडी टैग लगाने के लिए सर्वे करने और टैग लगाने पहुंचने वाली नामित संस्था तथा नगर निगम की टीम को सहयोग दें। उन्होंने कहा कि इस योजना की सफलता के लिए अधिक से अधिक घरों और प्रतिष्ठानों पर टैग लगना जरूरी है।

शहर में लगेंगे करीब 150 सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

शहर की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम की योजना के अगले चरण में विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है। महापौर ने बताया कि पहले चरण में करीब 150 कैमरे लगाने के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं।

यह पहल नगर निगम के कंट्रोल रूम और निगरानी तकनीक से जुड़ी व्यापक योजना का हिस्सा है। महापौर ने विशेष रूप से शहर में आने-जाने वाली बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से शहर की निगरानी को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने जनता से आरएफआईडी टैग लगाने की प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से सफाई व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने और शहर की सुरक्षा को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

तहबाजारी से लेकर सफाई और सुरक्षा तक, जवाबदेही पर जोर

महापौर दीपक बाली की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तहबाजारी ठेका निरस्त करने का फैसला प्रमुख रहा। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था, साप्ताहिक बाजारों से लगने वाले जाम, ठेकों में संभावित अनियमितताओं और शहर की निगरानी व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी नगर निगम की कार्ययोजना सामने आई।

अब सबसे अहम बात यह होगी कि तहबाजारी की वसूली में निर्धारित दरों का कितना सख्ती से पालन होता है, व्यापारियों को कितनी राहत मिलती है और शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई की जाती है। नगर निगम की नई व्यवस्था की असली परीक्षा उसके प्रभावी क्रियान्वयन और जनता के अनुभव से होगी।

Exit mobile version