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मिशन 2027: हरक सिंह रावत के ‘टिकट फॉर्मूले’ ने बढ़ाई हलचल; “सिफारिश नहीं, सिर्फ जीत की गारंटी” पर जोर

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देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव (2027) के लिए टिकट वितरण को लेकर बेहद सख्त तेवर अपना लिए हैं। उनके हालिया बयानों ने पार्टी के भीतर उन नेताओं की नींद उड़ा दी है जो केवल ‘पैरवी’ या ‘गुटबाजी’ के भरोसे चुनावी नैया पार करने की उम्मीद लगाए बैठे थे।


🎟️ टिकट वितरण पर हरक का ‘दो-टूक’ फॉर्मूला

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे अपने बयान में डॉ. रावत ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस बार कोई जोखिम नहीं उठाएगी:

  • सिफारिश बेअसर: हरक ने साफ कहा, “चाहे राहुल गांधी या राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से ही सिफारिश क्यों न हो, अगर उम्मीदवार जीतने की स्थिति में नहीं है, तो उसे टिकट नहीं मिलेगा।”

  • करीबी नहीं, काबिलियत: उन्होंने स्पष्ट किया कि खुद उनकी, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह या यशपाल आर्य से नजदीकी भी टिकट की गारंटी नहीं बनेगी।

  • रणनीति में बदलाव: दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठकों में भी उन्होंने सुझाव दिया है कि केवल ‘विनेबिलिटी’ (Winnability) ही चयन का एकमात्र पैमाना होना चाहिए।


👩‍🏫 “भुली” वाले बयान पर सफाई: ऋतु खंडूड़ी के साथ विवाद

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी को लेकर दिए गए ‘राजनीतिक ट्यूशन’ वाले बयान पर मचे बवाल पर भी हरक ने चुप्पी तोड़ी:

  • रिश्ता और अनुभव: उन्होंने कहा कि उन्होंने ऋतु खंडूड़ी को ‘भुली’ (छोटी बहन) कहकर संबोधित किया है।

  • सीनियरिटी का हवाला: हरक ने याद दिलाया कि जब ऋतु के पिता पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी 1991 में सांसद बने थे, तब वे (हरक) विधायक बन चुके थे। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश कर भाजपाइयों को बेवजह परेशानी हो रही है।


⚠️ कांग्रेस के भीतर की चुनौतियां

हरक सिंह रावत के इन बयानों के बीच प्रदेश कांग्रेस कुछ आंतरिक मुश्किलों से भी जूझ रही है:

  1. कार्यकारिणी का इंतजार: करीब दो महीने का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक राज्य कांग्रेस की कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है।

  2. गुटबाजी की आशंका: टिकट वितरण पर इतने सख्त रुख से पार्टी के भीतर आंतरिक खींचतान और गुटबाजी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

  3. उम्मीदवारों में चुप्पी: 70 विधानसभा सीटों पर संभावित उम्मीदवारों के नाम पर वरिष्ठ नेता फिलहाल खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।


📢 निष्कर्ष

डॉ. हरक सिंह रावत का यह रुख दर्शाता है कि कांग्रेस 2027 में ‘जिताऊ’ चेहरों के साथ मैदान में उतरना चाहती है। हालांकि, संगठन के भीतर सामंजस्य बिठाना और नई कार्यकारिणी का गठन करना पार्टी के लिए अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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