हिमालय प्रहरी

आज से शुरू हो रहा ‘नौतपा’: देश भर में आसमान से बरसेगी आग, दिल्ली-UP में पारा 50°C के करीब; उत्तराखंड में मौसम के दो रूप—मैदानों में हीटवेव तो पहाड़ों में बारिश का अलर्ट

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देहरादून/मेरठ: आज (25 मई 2026) से साल के सबसे गर्म नौ दिनों यानी ‘नौतपा’ की शुरुआत हो रही है। इस दौरान सूर्यदेव के प्रचंड तेवरों के कारण मैदानी इलाकों में भीषण तपन और बढ़ेगी। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के लिए अत्यधिक गर्मी और गंभीर हीटवेव (लू) का ‘रेड और ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 50°C के करीब पहुंचने की आशंका जताई गई है। इस बीच, देवभूमि उत्तराखंड में मौसम दो अलग-अलग रंगों में नजर आने वाला है, जहां मैदानी जिले भीषण लू की चपेट में रहेंगे, वहीं पहाड़ी अंचलों में बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखंड में मौसम का डबल अटैक: मैदान तपेंगे, पहाड़ों में बरसेंगे बदरा

मौसम विभाग के अनुसार, बदलते वायुमंडलीय दबाव और स्थानीय गर्म हवाओं के चलते उत्तराखंड में मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों के बीच मौसम का बड़ा अंतर (पैटर्न) देखा जा रहा है।

  • मैदानी जिलों में हीटवेव: हरिद्वार, उधम सिंह नगर और देहरादून के मैदानी हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। दोपहर के समय गर्म थपेड़ों (लू) के कारण आम जनजीवन बेहाल रहेगा। प्रशासन ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बेवजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

  • पहाड़ी जिलों में राहत की बौछारें: वहीं दूसरी ओर, राज्य के सात पहाड़ी जिलों—देहरादून (पर्वतीय क्षेत्र), टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आज हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस प्री-मानसून शावर से पहाड़ों में तापमान गिरेगा और स्थानीय लोगों व चारधाम तीर्थयात्रियों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, कुछ संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन (Landslide) और सड़क बाधित होने के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।

उत्तर प्रदेश में भयंकर गर्मी: 10 जिलों में ‘रेड अलर्ट’, 54 में ‘ऑरेंज अलर्ट’

उत्तर प्रदेश में इस समय सूर्यदेव का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने सूबे के 10 जिलों—बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी और संत रविदास नगर में भीषणतम हीटवेव को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, पश्चिमी व पूर्वी यूपी के 54 अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू है। कई शहरों में रात के समय भी गर्म हवाएं (Warm Night) चलेंगी, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे राहत नहीं मिलने वाली है।

दिल्ली-NCR का हाल: लू के थपेड़ों से बेहाल होगी देश की राजधानी

दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 44°C और न्यूनतम तापमान 30°C रहने का अनुमान है। पूरी दिल्ली-NCR में गंभीर लू (Severe Heatwave) की स्थिति बनी रहेगी। दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में भी गर्मी खतरनाक स्तर को छू रही है।

मानसून की रफ्तार: दक्षिण और उत्तर-पूर्व भारत में भारी बारिश का दौर

देश के एक हिस्से में जहां नौतपा की तपन है, वहीं दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है:

  • पूर्वोत्तर भारत: असम और मेघालय में 25 से 29 मई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम में भी तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी है।

  • दक्षिण भारत: केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान 70 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कर्नाटक में ओलावृष्टि की भी आशंका है।

  • बिहार और झारखंड: इन राज्यों के कुछ हिस्सों (जैसे किशनगंज, पूर्णिया और रांची) में बारिश से राहत मिलेगी, जबकि कुछ इलाके अभी भी लू की चपेट में रहेंगे।

नौतपा स्पेशल गाइडलाइन: क्या करें और क्या न करें?

  • धूप से बचें: दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक जब तक बेहद जरूरी न हो, बाहर निकलने से बचें।

  • हाइड्रेटेड रहें: शरीर में पानी की कमी न होने दें। दिन भर में खूब पानी, छाछ, नींबू पानी, ओआरएस (ORS) और नारियल पानी पीते रहें। तरबूज, खरबूजा जैसे मौसमी फल खाएं।

  • पहनावा: बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती (कॉटन) कपड़े पहनें। सिर को टोपी, अंगोछे या छाते से ढककर ही निकलें और सनग्लासेज का प्रयोग करें।

  • पहाड़ी क्षेत्रों के लिए सलाह: जिन जिलों में बारिश का अलर्ट है, वहां यात्रा करते समय छाता-रेनकोट साथ रखें और जलभराव व बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

  • विशेष देखभाल: घर के बुजुर्गों, बच्चों और पालतू जानवरों का खास ख्याल रखें। बेजुबान पक्षियों के लिए अपनी छतों या बालकनी में पानी के बर्तन रखना न भूलें।

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